प्रयागराज में भारी बारिश के बाद शहर के वीआईपी और वीवीआईपी इलाकों में स्थित कॉलोनियों और घरों में पानी भरने पर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया। बुधवार को जलभराव पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई और कोर्ट ने अधिकारियों को अविलंब जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए बृहस्पतिवार को फिर उपस्थित होकर स्थित से अवगत कराने का निर्देश दिया।
प्रयागराज : महापौर, डीएम, नगर आयुक्त और पीडीए वीसी जल निकासी में जुटे, हाईकोर्ट की सख्ती पर जागे अफसर
प्रयागराज में भारी बारिश के बाद वीआईपी और वीवीआईपी इलाकों में जलभराव को लेकर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया। कोर्ट के निर्देश के बाद प्रशासनिक अमला हरकत में आया और जार्जटाउन, सिविल लाइंस, कटरा, सोहबतियाबाग, अलोपीबाग व रामबाग समेत कई इलाकों में पंप लगाकर पानी की निकासी कराई गई।
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प्रयागराज में जलभराव को लेकर डिप्टी सीएम केशव बोले....
प्रयागराज में बारिश के दौरान जलभराव से नगरवासियों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कारण चाहे जो भी हो, जनहित में इसका स्थायी समाधान सर्वोच्च प्राथमिकता पर सुनिश्चित किया जाए। समय रहते आवश्यक कदम उठाए गए होते तो आज यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती। जिला प्रशासन और संबंधित विभाग तत्काल प्रभावी कार्रवाई करें तथा भविष्य में ऐसे संकट की पुनरावृत्ति रोकने के ठोस उपाय सुनिश्चित करें।
प्रयागराज में बारिश के दौरान जलभराव से नगरवासियों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कारण चाहे जो भी हो, जनहित में इसका स्थायी समाधान सर्वोच्च प्राथमिकता पर सुनिश्चित किया जाए। समय रहते आवश्यक कदम उठाए गए होते तो आज यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती। जिला प्रशासन और संबंधित…
पानी में डूबी रहीं रेल पटरियां, स्टेशन मैनेजर कक्ष में भी भरा पानी
जलभराव की वजह से बुधवार को रामबाग रेलवे स्टेशन परिसर पानी में डूब गया। पटरियों पर पानी भरने से प्लेटफॉर्म-एक से चार तक ट्रेनों का संचालन ठप हो गया है। इससे रेल यात्रियों की मुश्किलें हुईं। रेलवे प्रशासन ने यहां से चलने वाली विभूति छोड़ अन्य सभी ट्रेनें झूंसी स्टेशन पर शिफ्ट कर दी हैं।
स्टेशन मास्टर, आरपीएफ कार्यालय और स्टेशन मैनेजर कक्ष में भी पानी भर गया। पानी निकालने के लिए रेलवे प्रशासन ने पंप लगाए लेकिन स्टेशन परिसर के जलभराव से पानी नहीं निकल सका।
स्थिति का जायजा लेने के लिए वाराणसी के डीआरएम आशीष जैन बुधवार को रामबाग स्टेशन पहुंचे। रिटायरिंग रूम के कर्मचारियों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करना पड़ा। पूर्वोत्तर रेलवे के सीपीआरओ सुमित कुमार ने बताया कि स्टेशन परिसर में पंप लगाकर लगातार पानी निकाला जा रहा है।
झूंसी तक चल रहीं ट्रेनें, यात्रियों को हो रही असुविधा
रेलवे प्रशासन ने 23 अगस्त तक रामबाग स्टेशन से चलने और आने वाली कई महत्वपूर्ण ट्रेनों के संचालन में बदलाव किया है। इस अवधि के दौरान मऊ से चलने वाली गाड़ी संख्या 65131-65132 मऊ-प्रयागराज रामबाग मेमू, 65111-65112 बनारस-प्रयागराज रामबाग, 55131-55132 बलिया-प्रयागराज रामबाग, 65113-65114 बनारस-प्रयागराज रामबाग मेमू भी झूंसी तक ही संचालित होंगी। झूंसी से प्रयागराज तक इन ट्रेनों का आवागमन नहीं होगा।
जलभराव से मोर्चे के सारे इंतजाम ढेर
शहर के नाले चोक और सीवर जाम हैं। ऐसे में जल निकासी का रास्ता खोजना अधिकारियों के लिए पहली बन गया है। तमाम तरह के टैक्स भरने के बाद भी लोग घरों में कैद हैं। वह पानी घटने के इंतजार में दिन-रात गुजार रहे हैं।
शहर में विभिन्न चरणों और परियोजनाओं के तहत अब तक 1,400 किमी से अधिक की सीवर लाइन बिछाई जा चुकी है, लेकिन यह किसी काम की नजर नहीं आ रही है। इसके अलावा मानसून से पहले नगर निगम ने 995 नाले-नालियों की सफाई का दावा किया है। फिर भी तीन दिन की बारिश में शहर टापू बन गया।
इस बार हालात बदतर हो गए हैं। कुंभ और महाकुंभ जैसे बड़े आयोजनों के मद्देनजर शहर के पुराने और नए इलाकों में लगातार सीवर लाइन के विस्तार का काम किया गया, जिसमें हालिया योजनाओं के तहत 120 किमी और नई लाइनों का विस्तार प्रस्तावित है, मगर नगर निगम के 80 वार्डों में डाली गई पुरानी सीवर लाइन से लोगों को परेशानी हो रही है। आम दिनों में सीवर जाम रहते हैं, जिसकी वजह से सड़क व गलियों में सीवर का पानी बहता नजर आता है। बारिश के दिनों में हालात और भी खराब हो गए हैं। नाले व सीवर का पानी निकलने के बजाय लोगों के घरों में घुस गया है।
699 करोड़ रुपये की लागत से बिछी सीवर लाइन
मामि गंगे और सीवरेज योजनाओं के तहत भारी धनराशि खर्च की गई है। यह कार्य कई चरणों में हुआ है। इनमें फेज ए, बी और सी जैसे प्रमुख चरण शामिल हैं। प्रत्येक में क्रमश: 288 करोड़ रुपये, 265 करोड़ रुपये और 146 करोड़ रुपये की राशि व्यय की गई है।
कब-कब डाली गई सीवर लाइन1. वर्ष 2010 में राजापुर, सोहबतियाबाग, अल्लापुर, दारागंज, करेली, शिवकुटी और सलोरी आदि मोहल्लों में सीवर लाइनें डाली गईं।
2. दिसंबर 2018 में नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत सीवर नेटवर्क और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण किया गया।3. अन्य चरण (फेज-ए, बी और सी) में मुट्ठीगंज, दरियाबाद, चकिया, राजरूपपुर और टैगोर टाउन जैसे क्षेत्रों में कई सौ किमी लंबी लाइन डाली गई।