पैतृक जमीन के विवाद में हापुड़ के गांव दोयमी निवासी तुषार त्यागी (24) की सनसनीखेज हत्या के मामले में आरोपी पूर्व हिस्ट्रीशीटर पिता सुंदर त्यागी के संबंध में बेहद चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। परिजनों के मुताबिक, सुंदर त्यागी ने लगभग दो दशक (20 साल) पहले अपना गांव और जिला छोड़ दिया था।
Tushar Murder Case: विकास बन कर रह रहा था बेटे का हत्यारोपी, परिजन बोले- चल नहीं सकता तो हत्या कैसे की
तुषार त्यागी हत्याकांड में बड़ा खुलासा हुआ है कि आरोपी पिता सुंदर त्यागी पहचान बदलकर देहरादून में विकास सुमन के नाम से रह रहा था। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
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सोमवार रात ठीक 12 बजे तुषार की बहन मोना त्यागी ने पुलिस को फोन कर सूचना दी थी कि उसके पिता सुंदर त्यागी उर्फ राजीव ने भाई तुषार की हत्या कर दी है। इसके बाद तुषार की पत्नी शिखा की तहरीर पर पुलिस ने राष्ट्रवादी नवनिर्माण दल (आरएनडी) हापुड़ के जिलाध्यक्ष अरविंद त्यागी उर्फ बिट्टू त्यागी और तरुण त्यागी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था।
शिखा के अनुसार, सोमवार रात 8 बजे तुषार को किसी ने फोन कर खाना लेकर बुलाया था। रात 9 बजे तुषार ने फोन कर बताया कि कुछ लोग उसे एकांत में ले जा रहे हैं और वे उसकी हत्या कर सकते हैं। इसके बाद उसका मोबाइल बंद हो गया।
बाद में तुषार का शव मेरठ-बुलंदशहर हाईवे पर कैली अंडरपास सर्विस रोड पर उसी की स्कॉर्पियो गाड़ी से बरामद हुआ। मंगलवार देर रात पुलिस ने खुलासा करते हुए सुंदर त्यागी और उसके साथी अमित वेदवान (निवासी देहरादून) को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
मां के नाम की 15 बीघा जमीन बेचना चाहता था तुषार
पूछताछ में हत्यारोपी पिता सुंदर त्यागी ने पुलिस को बताया कि गांव में उसकी कुल 36 बीघा कृषि भूमि है। इसमें से 15 बीघा जमीन सुंदर की पत्नी के नाम है। 15 बीघा जमीन सुंदर की मां के नाम है। 06 बीघा जमीन स्वयं सुंदर त्यागी के नाम है। सुंदर ने बताया कि तुषार अपनी दादी के नाम वाली 15 बीघा जमीन को बेचने की फिराक में था, जिसका वह विरोध कर रहा था। इसी विवाद में उसने बेटे की हत्या कर दी।
देहरादून पहुंची पुलिस टीम, बिट्टू और तरुण की तलाश जारी
पुलिस की टीम तुषार के दोनों हत्यारोपियों की पड़ताल करने और पिस्टल बरामदगी के लिए देहरादून पहुंची। वहां से आरोपियों के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। इसके अलावा बिट्टू त्यागी और तरुण त्यागी को भी पुलिस तलाश रही है। पुलिस ने सुंदर त्यागी और अमित वेदवान को जेल भेज दिया है।
लाइसेंसी पिस्टल नहीं हुई बरामद
पुलिस ने इस हत्याकांड का खुलासा तो कर दिया लेकिन वारदात में प्रयोग की गई लाइसेंसी पिस्टल बरामद नहीं हुई है। पुलिस ने बताया की हत्या करने के बाद सुंदर व उसका साथी अमित देहरादून वापस लौट गए। सुंदर ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल दुकान पर जमा कर दी थी। इसे बरामद करने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं बुधवार को पुलिस ने आरोपियों को साथ ले जाकर क्राइम सीन भी रीक्रिएट किया।
परिजनों का सवाल : चल नहीं सकते तो मर्डर कैसे किया
बुधवार को मृतक तुषार की पत्नी शिखा और बहन मोना अपने रिश्तेदारों के साथ खरखौदा थाने पहुंचीं। पुलिस ने उनकी सुंदर त्यागी से बात कराई, जिसके बाद परिजनों ने पुलिस के खुलासे पर असंतोष जताया।
परिजनों का कहना है सुंदर त्यागी गंभीर बीमारियों (किडनी व लीवर) से जूझ रहे हैं। पेट में पानी भरा है और दिन में कई बार इंसुलिन लेना पड़ता है। वह ठीक से चलने-फिरने में भी असमर्थ हैं, तो फिर बेटे की हत्या कैसे कर सकते हैं? पुलिस ने उन्हें जबरन आरोपी बनाया है। इस वारदात का असली मास्टरमाइंड अरविंद उर्फ बिट्टू त्यागी है, जिसने पूरी साजिश रची।