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खौफ का अंत: कुख्यात अंकित गुर्जर ने 2012 में रखा था जरायम की दुनिया में कदम, पढ़िए पूरा क्राइम रिकॉर्ड

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत Published by: कपिल kapil Updated Wed, 04 Aug 2021 10:29 PM IST
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UP Crime News: Criminal Ankit Gurjar was begun crime in 2012 at Uttar Pradesh
अंकित गुर्जर का फाइल फोटो। - फोटो : amar ujala

कुख्यात और दिल्ली-यूपी में सक्रिय गैंगेस्टर अंकित गुर्जर उर्फ बाबा ने 2012 में जरायम की दुनिया में कदम रखा था। सबसे पहले गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाने में उसके खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके बाद उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा। उसके खिलाफ बागपत, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, दिल्ली के विभिन्न थानों में 16 मुकदमें दर्ज हैं। इनमें हत्या के छह केस शामिल हैं। वहीं खैला गांव के पूर्व प्रधान राजे के पुत्र विनोद की 18 जुलाई 2019 में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उधर, चांदीनगर थाना प्रभारी सत्येंद्र सिंह का कहना है कि कुख्यात अंकित की दिल्ली तिहाड़ जेल में मौत होने की जानकारी मिली है। उसके परिजन दिल्ली चले गए हैं। 



जेल कर्मियों से हुई थी मारपीट
जेल अधिकारियों का दावा है कि अंकित की मौत कैदियों की आपसी मारपीट में हुई, जबकि जेल के सूत्र बता रहे हैं कि सेल में तलाशी अभियान के दौरान मोबाइल मिलने के बाद हुए विवाद में अंकित ने एक जेल कर्मी की पिटाई कर दी थी। इसके बाद हुई मारपीट में उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप भी यही है।

UP Crime News: Criminal Ankit Gurjar was begun crime in 2012 at Uttar Pradesh
तिहाड़ जेल - फोटो : amar ujala

तिहाड़ जेल के सूत्रों का कहना है कि मंगलवार को अंकित की सेल में तलाशी अभियान चलाया गया था। जेल कर्मियों ने सेल व कैदियों की तलाशी ली थी। इसका अंकित व उसके साथियों ने विरोध किया था। बताया जा रहा है कि अंकित की सेल के बाहर से मोबाइल मिला था। तलाशी के दौरान सेल से चार्जर मिल गया। इस बात पर अंकित व जेलकर्मी के बीच विवाद बढ़ गया। अंकित ने जेल कर्मी की पिटाई कर दी थी। आरोप है कि बाद में जेल कर्मियों ने सेल बदलने के नाम पर अंकित के साथ मारपीट की थी। इस संबंध में जेल प्रशासन का कहना है कि सेल में बंद कैदियों के बीच किसी बात पर मारपीट हुई होगी। इसमें अंकित व दूसरे कैदियों को चोट लगी होगी। तिहाड़ प्रशासन जांच कर रहा है।

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अंकित - फोटो : अमर उजाला।

परिजनों ने जेल के बाहर एकत्र होकर की नारेबाजी
अंकित गुर्जर के परिजन बुधवार सुबह ही तिहाड़ जेल पहुंच गए थे। परिजनों ने जेल के सामने एकत्रित होकर नारेबाजी भी की। परिजनों का आरोप जेल कर्मियों पर अंकित की पिटाई करने का है। उनका कहना है कि अंकित ने मोबाइल मिलने पर जेल अधिकारी के आचरण पर आपत्ति जताई थी। उसने इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से करने की बात कही थी। इससे गुस्साए जेल कर्मियों ने इस कदर पिटाई की कि उसकी मौत हो गई। उधर, जेल अधिकारियों के मुताबिक, अंकित की सुरक्षा को देखते हुए उसे सेल में रखा गया था। उसके साथ घायल मिले दोनों सगे भाई दक्षिणपुरी के रहने वाले हैं। वे हत्या के मामले में जेल में बंद हैं।

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UP Crime News: Criminal Ankit Gurjar was begun crime in 2012 at Uttar Pradesh
अंकित - फोटो : अमर उजाला।

बागपत में चांदी नगर थाना क्षेत्र के गांव खैला निवासी अंकित गुर्जर (29 वर्ष) अपने गांव का निर्विरोध प्रधान बनना चाहता था। 19 जुलाई 2019 को उसने अपने राजनीतिक विरोधी और प्रधान पद के दावेदार पूर्व प्रधान विनोद की हत्या कर दी थी। इसके बाद उसने गांव में धमकी भरे पोस्टर लगवाए थे, जिनमें कहा था कि जो कोई उसके खिलाफ चुनाव में खड़ा होगा, उसका हाल भी विनोद जैसा होगा। चांदी नगर थाने में इस मामले की रिपोर्ट 28 सितंबर 2019 को दर्ज हुई थी। वह दक्षिण दिल्ली में वर्चस्व कायम करने की फिराक में था।

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अंकित - फोटो : अमर उजाला।

कुख्यात अंकित गुर्जर उर्फ बाबा की बुधवार सुबह तिहाड़ जेल में हत्या कर दी गई। इसी जेल में हत्या के आरोप में बंद दो सगे भाई गुरप्रीत और गुरजीत घायल मिले हैं। दोनों का डीडीयू में इलाज चल रहा है। परिजनों ने जेल अधिकारियों पर तलाशी में मोबाइल मिलने के बाद अंकित की पीट-पीटकर हत्या करने का आरोप लगाया है। जेल अधिकारियों का कहना है कि कैदियों की आपसी मारपीट में आई चोट से उसकी मौत हुई।

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