Ground Report: रेल मंत्री की सौगात पर गंदगी का ग्रहण, एक्सप्रेस ट्रेन में बदबू से परेशान यात्री, सफाई व्यवस्था
बड़ौत से दिल्ली जाने वाली शामली-दिल्ली एक्सप्रेस में गंदगी और बदबू से यात्री परेशान हैं। लाखों रुपये का मासिक राजस्व देने वाली इस ट्रेन की सफाई व्यवस्था पर यात्रियों ने सवाल उठाए हैं।
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बड़ौत में केंद्रीय रेल मंत्री की ओर से क्षेत्र को मिली शामली-दिल्ली एक्सप्रेस ट्रेन यात्रियों के लिए सुविधा से अधिक परेशानी का कारण बनती दिखाई दे रही है। प्रतिदिन सैकड़ों यात्रियों को लेकर दिल्ली जाने वाली इस ट्रेन के कोचों में फैली गंदगी और बदबू ने सफाई व्यवस्था की पोल खोल दी है। हालात ऐसे हैं कि कई यात्रियों को पूरे सफर के दौरान मुंह पर रुमाल या कपड़ा रखकर यात्रा करनी पड़ रही है।
23 नवंबर 2025 को केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बड़ौत में इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। लोगों को उम्मीद थी कि क्षेत्र को बेहतर रेल सुविधा मिलेगी, लेकिन अब यात्री स्वच्छता व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
सीट मिली, लेकिन चैन से सफर नहीं
रविवार सुबह बड़ौत रेलवे स्टेशन से ट्रेन रवाना हुई तो रोजाना की तरह बड़ी संख्या में यात्री कोचों में सवार हुए। सीट मिलने के बावजूद यात्रियों को राहत नहीं मिली। कोचों के फर्श पर कूड़ा बिखरा मिला, कई जगह गंदगी जमा थी और बदबू के कारण बैठना तक मुश्किल हो रहा था।यात्रियों का कहना है कि सफाई की स्थिति ऐसी है कि सफर का आनंद लेने के बजाय उन्हें गंदगी से समझौता करना पड़ रहा है।
एक्सप्रेस का किराया, लेकिन सुविधाएं नहीं
शामली से दिल्ली तक इस ट्रेन का किराया 50 रुपये और बड़ौत से दिल्ली तक 35 रुपये है। यात्रियों का कहना है कि उनसे एक्सप्रेस सेवा का किराया लिया जा रहा है, लेकिन सुविधाएं सामान्य यात्री गाड़ी से भी खराब मिल रही हैं। बदबू और गंदगी के कारण कई यात्रियों को पूरे रास्ते मुंह ढककर यात्रा करनी पड़ती है। उनका कहना है कि किराया वसूलने के साथ-साथ रेलवे को बुनियादी सुविधाएं भी सुनिश्चित करनी चाहिए।
हर महीने लाखों की कमाई, फिर भी गंदगी कायम
दैनिक यात्रियों के अनुसार इस ट्रेन में प्रतिदिन करीब 1200 यात्री सफर करते हैं। औसत किराये के हिसाब से रेलवे को प्रतिदिन करीब 51 हजार रुपये और महीने में लगभग 15 लाख 30 हजार रुपये का राजस्व प्राप्त होता है। यात्रियों का सवाल है कि जब रेलवे को हर महीने लाखों रुपये की आय हो रही है तो कोचों की नियमित सफाई और रखरखाव पर ध्यान क्यों नहीं दिया जा रहा।
दैनिक यात्रियों ने उठाई आवाज
दैनिक यात्री हरवीर सिंह एडवोकेट का कहना है कि गंदगी केवल असुविधा नहीं बल्कि स्वास्थ्य से जुड़ा विषय है। यात्रियों को स्वच्छ वातावरण में यात्रा करने का अधिकार है। दैनिक रेल यात्री संघ ट्रस्ट के अध्यक्ष घमंडी लाल ने कहा कि रेलवे एक ओर बेहतर सुविधाओं के दावे करता है, जबकि दूसरी ओर एक्सप्रेस ट्रेन के कोच गंदगी से भरे हुए हैं। यात्रियों को सम्मानजनक और स्वच्छ सफर मिलना चाहिए।
कार्रवाई का भरोसा
स्टेशन अधीक्षक सुरेश कुमार ने कहा कि गंदगी को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं। मामले से उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। सफाई कर्मचारियों की लापरवाही मिलने पर उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए मुख्यालय को पत्र भेजा जाएगा।
वहीं सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान ने कहा कि यात्रियों की मांग पर ट्रेन शुरू कराई गई थी। यदि सफाई को लेकर गंभीर समस्या है तो रेलवे अधिकारियों से बात कर समाधान कराया जाएगा। साथ ही यात्रियों से भी स्वच्छता बनाए रखने की अपील की गई है।