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UP: साल 2007 में शोएब ने बसपा में इस पद के लिए लड़ा था चुनाव, कहीं इसलिए तो नहीं हुआ मुख्तार के करीबी का कत्ल!
अमर उजाला नेटवर्क, बाराबंकी
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 14 Feb 2026 10:13 AM IST
सार
यूपी के बाराबंकी जिले में कभी मुख्तार अंसारी गैंग से जुड़े और अब वकालत कर रहे शोएब किदवई उर्फ बॉबी (51) को बाइक सवार दो हेलमेटधारी हमलावरों ने गोलियों से भून डाला। घटना को अंजाम देने के बाद बेखौफ हमलावर मौके से भाग निकले।
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lawyer murder
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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बाराबंकी में माफिया मुख्तार अंसारी के करीबी अधिवक्ता शोएब किदवई (51) उर्फ बॉबी की शुक्रवार दोपहर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई। दोपहर करीब एक बजे शहर से चार किमी दूर असेनी अंडरपास के पास हमलावरों ने उनकी कार पर 11 राउंड फायरिंग की। मुख्तार गैंग का शूटर रहे शोएब को चार गोलियां लगी। पुलिस को कार के पास में चार खाली कारतूस मिले हैं। पत्नी शाजिया ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। शोएब बाराबंकी के गदिया गांव के रहने वाले थे। वर्तमान में लखनऊ के गोमती नगर विस्तार में रह रहे थे।
बाराबंकी शहर में भी उनका घर है। बाराबंकी कचहरी में प्रैक्टिस करते थे। शुक्रवार को लखनऊ से कार से बाराबंकी आ रहे शोएब को घेरकर हमलावरों ने गोलियां बरसाईं। गोलियों की आवाज सुनकर आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी।
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वकील की हत्या के बाद मौके पर पहुंचे अधिकारी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मौके पर पहुंची पुलिस को शोएब कार की ड्राइविंग सीट पर औंधे मुंह पड़े मिले। कार की विंडस्क्रीन पर गोलियों के निशान मिले हैं। एक गोली शोएब के दाहिने गाल को चीरते हुए निकल गई। हाथ और पसली में भी तीन गोलियां धंसी मिली हैं। सूचना पर एडीजी जोन प्रवीण कुमार ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया।
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हत्या के बाद बिखरे पड़ी खाली कारतूस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हत्या व बलवा के छह मामले दर्ज थे शोएब का नाम
1999 में लखनऊ के हजरतगंज क्षेत्र में जेलर आरके तिवारी की हत्या और इसके बाद बाराबंकी के डॉ. डीवी सिंह की हत्या के मामले में सामने आया था। एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि शोएब मुख्तार अंसारी के गैंग से जुड़ा रहा था। उस पर हत्या, बलवा आदि के छह मामले दर्ज थे। हमलावरों की पहचान के लिए आसपास लगे सभी सीसीटीवी खंगाले जा रहे हैं।
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हत्या के साक्ष्य जुटाती फॉरेंसिक टीम
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बदले के लिए वारदात तो नहीं, कई बिंदुओं पर जांच
पुलिस की पांच टीमें इस घटना को लेकर कई बिंदुओं पर काम कर रही हैं। गैंग से जुड़ा अतीत क्या आज भी पीछा कर रहा था अथवा वकालत के दौरान किसी गंभीर मुकदमे में प्रापर्टी आदि के लेनेदेन को लेकर भी घटना को अंजाम देने के कयास लगाए जा रहे हैं। पुलिस इस पहलू की जांच भी कर रही है कि कही यह घटना किसी पुराने हत्याकांड में कोई बदले की भावना का नतीजा तो नहीं है।
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हत्या के बाद मौके पर मौजूद एसपी अर्पित विजय वर्गीय
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शोएब ने वर्ष 2007 में बसपा में रहते हुए बंकी ब्लाक में कनिष्ठ ब्लॉक प्रमुख का चुनाव भी लड़ा। बाराबंकी में माफिया मुख्तार से जुड़े एंबुलेंस कांड में भी शोएब का नाम प्रमुखता से सामने आया था। पुलिस इस पूरे मामले में शोएब के करीबी लोगों से पूछताछ कर जानकारी जुटाने में लगी है। संदिग्ध हमलावरों के स्कैच भी तैयार कराए जा रहे हैं।
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