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UP: मानव तस्करी के खुले चौंकाने वाले राज, पुलिस अफसर भी हैरान, ये बड़ा लालच देकर लाते थे गरीबों के बच्चे
अमर उजाला ब्यूरो, बिजनौर
Published by: कपिल kapil
Updated Fri, 29 Jul 2022 12:02 PM IST
झारखंड और बिहार से गरीब घरों के बच्चों और अन्य मजदूरों को पैसों का लालच देकर मानव तस्करी का यह खेल सालों से चल रहा है। वहां से मजदूरों को लाने के लिए बाकायदा ठेकेदार भी बन गए हैं। पकड़े गए तस्करों में शामिल चार आरोपी जिले के एक सफेदपोश के नजदीकी बताए जा रहे हैं।
पुलिस ने बताया कि आरोपी झारखंड से गरीबों के बच्चों को लालच देकर लेकर आते हैं। कभी-कभी डरा धमकाकर हरिद्वार व अन्य स्थानों पर घुमाने का लालच भी दिया जाता है। आरोपी झारखंड से बिजनौर में संपर्क स्थापित कर और पैसों का सौदा करके चले जाते थे। जो बिजनौर में लाकर रात में किशोरों और अन्य मजदूरों की खरीद-फरोख्त कर रहे थे।
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सात आरोपी गिरफ्तार।
- फोटो : amar ujala
बता दें कि 24 लोगों को झारखंड से नौकरी और काम दिलाने का झांसा देकर लाया गया था। इनके परिवारों को कुछ रुपये एडवांस देकर साथ लाते थे, फिर उन्हें मोटी रकम में बेच देते थे। आरोपियों को रिमांड पर लेकर यह पता कराया जाएगा कि पहले झारखंड राज्य से बच्चों को लाकर बिजनौर में कब-कब, कहां-कहां और किसको बेचा गया गया, इसकी जानकारी की जाएगी। पुलिस सूत्रों की मानें तो ये आरोपी सालों से इस खेल में लगे हुए थे।
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मामले की जानकारी देते अधिकारी।
- फोटो : amar ujala
बिजनौर में है एएचटीयू थाना
यूं तो जिले में एएचटीयू थाना बने हुए दो साल हो चुके हैं। थाना बनने से दो साल पहले से यह यूनिट सेल के रूप में काम करती रही, लेकिन पहला केस अब दर्ज हुआ है। मानव तस्करी करने वाले गिरोह के पकड़े जाने के बाद थाने में पहला केस दर्ज हुआ। जिसे नंबर एक मिला है। फिलहाल इस थाने को अपना भवन अभी नहीं मिल पाया है।
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आरोपी गिरफ्तार
- फोटो : amar ujala
जिले में 21 थाने थे, दो महिला थाना बनने के बाद संख्या 23 हो गई। अब एएचटीयू थाना बनाए जाने के बाद संख्या बढ़कर 24 हो गई। बाल श्रम, बंधुआ मजदूरी और मानव तस्करी रोकने के मकसद से बनाए गए थाने का फिलहाल अपना भवन नहीं है। यह थाना पुलिस कार्यालय के एक कक्ष में संचालित किया गया है। दो साल पहले यह थाना बनाया गया, जबकि एएचटीयू यूनिट सेल के रूप में चार सालों से काम कर रही थी।
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आरोपी गिरफ्तार
- फोटो : amar ujala
थाना बनाए जाने के बाद इसे सीसीटीएनएस से लिंक नहीं किया जा सका था। जनवरी 2022 में इसे लिंक किया, लेकिन तब से लेकर अब तक मुकदमा दर्ज करने की नौबत नहीं आई। वहीं गुरुवार को झारखंड से मानव तस्करी करने वाले गिरोह को पकड़ा गया तो एफआईआर दर्ज हुई।
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