दृष्यम एक फिल्म थी, रील में हुई हत्या काल्पनिक रही, लेकिन बिजनौर में हुए दोहरे हत्याकांड में रील लाइफ के दृश्य हकीकत में फिल्मा दिए गए। जी हां, गुमराह करने के मकसद से बबली के मोबाइल को मुरादाबाद में जाकर एक चलती ट्रेन में फेंका गया, जबकि सपा नेता के सिम को दूसरे मोबाइल में डालकर उत्तराखंड में अलग-अलग जगहों पर घुमाया गया। वहीं दंपती की स्कूटी को हरिद्वार में एक पार्किंग में खड़ा कर दिया गया। यह इसलिए किया गया कि पुलिस लोकेशन में ही उलझ कर रह जाए। इस हत्याकांड की पूरी कहानी दृष्यम फिल्म के आसपास ही घूम रही है।
बिजनौर में 28 फरवरी को लापता हुए थे सपा नेता और उनकी पत्नी
28 फरवरी को सपा नेता राजेश अग्रवाल और उनकी पत्नी बबली उर्फ बबीता अचानक लापता हो गए। पुलिस ने सपा नेता की प्रेमिका रही रुमा पत्नी स्व. ओमवीर सिंह निवासी हमीदपुर को शक के आधार पर ही पूछताछ के लिए बुलाया। शुरुआती पूछताछ में रुमा लगातार पुलिस को गुमराह करती रही।
2 of 9
sp bijnor
- फोटो : अमर उजाला
वहीं बाद में रुमा के बेटे को भी पुलिस ने बुला लिया। दोनों से अलग-अलग पूछताछ की गई तो बातों में फर्क आ गया। कड़ाई से पूछताछ करने पर रुमा ने हत्या किया जाना कबूल कर लिया। हालांकि शुरुआत में अकेले ही वारदात को अंजाम देने की बात कहती रही।
3 of 9
murder in bijnor
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने उसके बेटे की पिटाई करने का डर पैदा किया तो रुमा टूट गई। बेटे की पुलिस से पिटाई होने की आशंका पर ही उसने सच उगल दिया। जिसके बाद ही उसने अपने नए प्रेमी मुकेश और मुकेश के चचेरे भाई का नाम भी पुलिस को बता दिया।
4 of 9
murder in bijnor
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस के अनुसार 28 फरवरी की शाम रुमा ने मुकेश, अपने बेटे और एक अन्य के साथ मिलकर सपा नेता राजेश अग्रवाल की शिवलोक कॉलोनी स्थित उसी के घर में कुल्हाड़ी से वार कर हत्या कर दी। इसके बाद गाड़ी में शव को डालकर रुमा के घर गांव हमीदपुर ले जाया गया। जबकि रुमा का बेटा तुषार सपा नेता की पत्नी बबली को ब्यूटी पार्लर से लेने चला गया, जोकि उसे अपने घर ले गया। वहां पर बबली की भी हत्या कर दी गई। एक का शव पशुशाला में, जबकि एक का शव आंगन में गड्ढा खोदकर दबा दिया।
5 of 9
महिला समेत चार आरोपी गिरफ्तार।
- फोटो : amar ujala
चलती ट्रेन में फेंका मोबाइल
सबूतों को मिटाने और पुलिस को गुमराह करने के इरादे से दृष्यम फिल्म की तरह से काम किया गया। सपा नेता की स्कूटी को ले जाकर हरिद्वार की एक पार्किंग में खड़ा किया गया। बबली के मोबाइल को तीन मार्च को मुरादाबाद जाकर ट्रेन में फेंका गया। वहीं सपा नेता के सिम को दूसरे मोबाइल में डालकर हल्द्वानी और उत्तराखंड की दूसरी जगहों पर घुमाया गया, जिससे लोकेशन में पुलिस उलझ कर रह जाए।