फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

गोरखपुर में न होती हिंसा, अगर ये 5 सबूत नजरअंदाज न करती पुलिस, एकलौती गलती ले डूबी

Wed, 25 Dec 2019 10:38 AM IST
विजय जैन डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर Published by: विजय जैन Updated Wed, 25 Dec 2019 10:38 AM IST
विज्ञापन
violence in gorakhpur must be stopped, if Gorakhpur police had shown seriousness in advance
गोरखपुर में आज हुए हिंसक प्रदर्शन को रोका जा सकता था - फोटो : अमर उजाला

नागरिकता संशोधन कानून को लेकर गोरखपुर में आज हुए हिंसक प्रदर्शन को रोका जा सकता है, अगर गोरखपुर पुलिस ने पहले से संजीदगी दिखाई होती। सर्तकता के नाम पर थानों पर बैठक की गई पर प्रशासनिक व पुलिस अफसर मौके को भाप नहीं पाए।



शहर में गश्त कर मौका मुआयना भी जैसे बंद आंखों से ही किया गया। प्रबुद्ध लोगों पर विश्वास करना भी पुलिस को भारी पड़ा। ऐसा अचानक नहीं हुआ, इस प्रदर्शन की तैयारी पहले से की गई थी। आगे की स्लाइड में देखिए पुलिस से कहां हुई चूक और पुलिस की किस गलती का परिणाम थी गोरखपुर में हिंसा...

violence in gorakhpur must be stopped, if Gorakhpur police had shown seriousness in advance
गोरखपुर में आज हुए हिंसक प्रदर्शन को रोका जा सकता था - फोटो : अमर उजाला

नागरिकता संशोधन कानून को लेकर शुक्रवार को पुलिस-प्रशासन की सारी तैयारियां चंद मिनटों में बेमतलब साबित हो गईं। दरअसल, पुलिस और प्रशासनिक अफसर कुछ प्रबुद्ध लोगों पर भरोसा कर फंस गए।

बड़ी मस्जिद में नमाज खत्म होने के बाद लोगों को निकालने के लिए पुलिस मौजूद थी लेकिन प्रबुद्ध लोगों के कहने पर पुलिस पीछे हट गई। प्रबुद्ध लोगों का तर्क था कि नव युवक हैं, विरोध करके लौट आएंगे। बस, इसी पर भरोसा करना पुलिस पर भारी पड़ गया और हिंसा भड़क गई।

violence in gorakhpur must be stopped, if Gorakhpur police had shown seriousness in advance
गोरखपुर में आज हुए हिंसक प्रदर्शन को रोका जा सकता था - फोटो : अमर उजाला

पुलिस एक ओर खड़ी भीड़ के लौटने का इंतजार कर रही थी तो दूसरी ओर सकरी गलियों से भीड़ नखास चौक पर पहुंच गई जहां पर भीड़ को काबू करने के लिए पर्याप्त पुलिस बल ही नहीं था। पुलिस जब तक पहुंचती तब तक भीड़ हमलावर हो गई और पुलिस टीम पर पथराव शुरू कर दिया। पुलिस को लाठीचार्ज कर आंसू गैस के गोले दागने पड़े।

विज्ञापन
विज्ञापन
violence in gorakhpur must be stopped, if Gorakhpur police had shown seriousness in advance
गोरखपुर में आज हुए हिंसक प्रदर्शन को रोका जा सकता था - फोटो : अमर उजाला

हिंसा सुनियोजित, घरों के बाहर पहले से रखे थे ईंट
- पिछले कई दिनों से यूपी में विरोध प्रदर्शन हो रहे थे। बृहस्पतिवार को लखनऊ में भी हिंसक घटनाएं हुईं। इसके बाद गोरखपुर पुलिस, प्रशासन सतर्कता बरतने का दावा किया मगर पुलिस मानो बंद आंखों से ही गश्त कर रही थी। नखास, रेती रोड, खूनीपुर, साहबगंज की सड़कों के किनारे घरों के बाहर ईंट रखे गए थे। ऐसा लगा कि सब कुछ योजना के तहत किया गया।

विज्ञापन
violence in gorakhpur must be stopped, if Gorakhpur police had shown seriousness in advance
गोरखपुर में नखास में भीड़ बेकाबू - फोटो : अमर उजाला

हिंसक प्रदर्शन को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया। जिस क्षेत्र में पथराव हुआ, वह काफी व्यस्त है। भीड़ पथराव के लिए घरों के बाहर रखी गई ईंट का ही सहारा लिया। पथराव के बाद पुलिस ने छानबीन की तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed