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झांसी अग्निकांड: 18 बेड पर 49 बच्चे क्यों, जवाब नहीं दे पाए जिम्मेदार... मेडिकल कॉलेज से 21 नवजात की छुट्टी

अमर उजाला नेटवर्क, झांसी Published by: शाहरुख खान Updated Thu, 21 Nov 2024 01:26 PM IST
सार

झांसी अग्निकांड की जांच में बड़ी लापरवाही सामने आई है। 18 बेड पर 49 नवजात बच्चों को क्यों, लिटाया गया था, जिम्मेदार इसका जवाब नहीं दे पाए।  जांच टीम ने विद्युत व्यवस्था में लापरवाही को भी जिम्मेदार माना है। उधर, मेडिकल कॉलेज से 21 नवजात को छुट्टी मिल गई है।

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jhansi medical college fire case Why were there 49 children on 18 beds responsible people could not answer
Jhansi Medical College fire - फोटो : अमर उजाला
लखनऊ की टीम ने जांच के दौरान दो बड़ी लापरवाहियों को चिह्नित किया है। सूत्रों के अनुसार 18 बेड पर 49 नवजातों की भर्ती और विद्युत व्यवस्था में लापरवाही को जांच टीम ने अहम माना है। जांच समिति की बैठक में जिम्मेदार लापरवाहियों से जुड़े सवालों का जवाब नहीं दे सके थे। इन्हीं दो बिंदुओं पर जल्द ही कार्रवाई हो सकती है।


मेडिकल कॉलेज में हादसे को पांच दिन गुजर चुके हैं। 15 नवजातों की मौत हो चुकी है। शनिवार को उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने त्रिस्तरीय जांच कर रिपोर्ट देने आदेश दिए। सोमवार को लखनऊ से चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक डॉ. किंजल सिंह के नेतृत्व में जांच टीम आई। दो दिन जांच चली। 
 
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लखनऊ से जांच के लिए पहुंची टीम - फोटो : अमर उजाला
हर बार जांच के बाद शॉर्ट सर्किट को वजह बताया गया। लेकिन शॉर्ट सर्किट क्यों हुआ और मामूली से प्लग के शॉर्ट सर्किट की चिंगारी को वहीं क्यों नहीं बुझा पाए, यह नहीं बताया। इस जानलेवा लापरवाही के जिम्मेदारों पर कार्रवाई का अब भी इंतजार है। मेडिकल प्रशासन या शासन की ओर से केस तक दर्ज नहीं किया गया है।
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लखनऊ से जांच के लिए पहुंची टीम - फोटो : अमर उजाला
बीमारी को बताया पांच बच्चों की मौत का जिम्मेदार
मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार 15 नवंबर की रात 10 बच्चों की जलकर मौत हो गई। आग से बचाए गए बच्चों में एक की मौत रविवार को हुई। प्रशासन का कहना है कि वह बीमार था और मस्तिष्क में ऑक्सीजन की कमी थी। सोमवार को एक और बच्चे ने दम तोड़ा। मंगलवार शाम को एक नवजात की मौत हो गई।  बुधवार को दो और नवजातों की मौत हुई। तीनों मौतों को प्राचार्य ने बीमारी से बताया। शवों का पोस्टमार्टम कराया गया है। इससे पूर्व दो और नवजातों के शवों का पोस्टमार्टम कराया गया था, लेकिन उसकी रिपोर्ट अभी तक जारी नहीं की गई है।
 
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Jhansi Medical College Fire - फोटो : अमर उजाला
मेडिकल कॉलेज से 21 नवजात की छुट्टी
झांसी मेडिकल कॉलेज के एसएनसीयू में बीते शुक्रवार को हुए अग्निकांड के बाद रेस्क्यू कर बचाए गए नवजातों में 21 की स्वस्थ होने पर छुट्टी कर दी गई है। कॉलेज में भर्ती 10 नवजातों में दो की हालत गंभीर बनी हुई है। तीन शिशुओं का निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।

मेडिकल काॅलेज के नवजात शिशु गहन चिकित्सा केंद्र में हुए अग्निकांड के बाद 10 बच्चों की मौत हो गई थी। इसके बाद भी एक-एक कर पांच नवजात इलाज के दौरान दम तोड़ चुके हैं। 
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Jhansi Medical College Fire - फोटो : अमर उजाला
भर्ती 10 में दो की हालत गंभीर
भर्ती शिशुओं के संबंध में कॉलेज प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर ने बाल रोग विभाग को दिन में तीन बार मेडिकल बुलेटिन जारी करने के निर्देश दे दिए हैं। बृहस्पतिवार को बाल रोग विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सपना गुप्ता ने मेडिकल बुलेटिन जारी कर बताया कि अभी तक रेस्क्यू किए गए अति गंभीर बच्चों में 21 नवजातों की स्वस्थ होने पर छुट्टी कर दी है। कॉलेज में भर्ती 10 में से दो बच्चों की हालत गंभीर है, जो कि वेंटिलेटर पर हैं। इसमें एक बच्चा प्री मेच्योर, कम वजनी, ह्रदय की बीमारी और सांस लेने में समस्या है। दूसरा बच्चा प्री मेच्योर, कम वजनी, ह्रदय संबंधी बीमारी के साथ-साथ गंभीर निमोनिया का भी शिकार है।
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