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सड़क हादसे में पांच की गई जान: जिगरी दोस्त थे पांचों, मौत भी आई तो साथ, परिजनों का हाल देख नम हुई हर आंख
Tue, 01 Mar 2022 07:11 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 01 Mar 2022 07:11 PM IST
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बांदा में दर्दनाक हादसा
- फोटो : अमर उजाला
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यूपी के बांदा में हादसे का शिकार हुई कार पर सवार जिन पांच युवकों की मौत हुई है, वे सभी गहरे दोस्त थे। सभी मूलरूप से पुरानी बाजार स्थित कजियाना मोहल्ले के रहने वाले थे। हादसे में एक साथ पांच युवकों की मौत की खबर से मोहल्ले में मातम छा गया। लोग शोक में डूब गए।
बांदा में दर्दनाक हादसा
- फोटो : अमर उजाला
हालांकि कई के परिजनों ने दूसरे स्थानों पर भी मकान बना लिए हैं, लेकिन युवक आपस में मिलते जुलते रहते थे। शनिवार को हुए हादसे में पांचों की एक साथ मौत पर सभी उनकी दोस्ती की चर्चाएं करते रहे। लोगों को कहते सुना गया कि पांचों मरते दम तक साथ रहे।
बांदा में दर्दनाक हादसा
- फोटो : अमर उजाला
पैरा मेडिकल छात्र था शमशुल
हादसे का शिकार हुआ गुफरान और शमशुल हाशमी का का परिवार वर्तमान में कर्वी के भैरो पागा मोहल्ला में रहता है। गुफरान के परिवार के लोग टायर में रबडिंग का काम करते हैं। गुफरान की मौत से पिता मुन्ना, मां मुन्नी और भाई रस्सनू व हाजी इलियास का रोकर बुरा हाल रहा।
हादसे का शिकार हुआ गुफरान और शमशुल हाशमी का का परिवार वर्तमान में कर्वी के भैरो पागा मोहल्ला में रहता है। गुफरान के परिवार के लोग टायर में रबडिंग का काम करते हैं। गुफरान की मौत से पिता मुन्ना, मां मुन्नी और भाई रस्सनू व हाजी इलियास का रोकर बुरा हाल रहा।
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बांदा में दर्दनाक हादसा
- फोटो : अमर उजाला
उधर, सरकारी स्कूल के शिक्षक जैनुल आबदीन का बेटा शमशुल बांदा में पैरा मेडिकल की पढ़ाई कर रहा था। वह चार भाइयों मेें सबसे छोटा था। दो भाई जफर हाशमी व मिनहाज भैरोपागा में रहते हैं। तीसरा मुशर्रफ कजियाना मोहल्ले में रहता है। शमशुल रिश्ते में दूल्हे आफताब का भांजा था।
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बांदा में दर्दनाक हादसा
- फोटो : अमर उजाला
कोई बताए मौतों की खबर, कोई नहीं जुटा सका हिम्मत
चित्रकूट। घर के सभी पुरुष बरात गए थे। घर पर सिर्फ महिलाएं बची थीं। हादसा हुआ और सूचना मोहल्ले के लोगों तक पहुंची तो कोई भी मौतों का समाचार देने की हिम्मत नहीं जुटा सका। इस वजह से मृतकों के घर में बहुत देर तक किसी को कुछ पता ही नहीं चला। पूरे मोहल्ले का माहौल बदलता देख महिलाएं सनकीं तब एक एक कर सभी को हादसे की जानकारी दी गई। देखते ही देखते कई घरों से चीखें उठने लगीं।
चित्रकूट। घर के सभी पुरुष बरात गए थे। घर पर सिर्फ महिलाएं बची थीं। हादसा हुआ और सूचना मोहल्ले के लोगों तक पहुंची तो कोई भी मौतों का समाचार देने की हिम्मत नहीं जुटा सका। इस वजह से मृतकों के घर में बहुत देर तक किसी को कुछ पता ही नहीं चला। पूरे मोहल्ले का माहौल बदलता देख महिलाएं सनकीं तब एक एक कर सभी को हादसे की जानकारी दी गई। देखते ही देखते कई घरों से चीखें उठने लगीं।