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मिग-21 हादसा: शहीद हुए कैप्टन आशीष, परिवार के सामने दुखों का पहाड़ खड़ा कर गया हादसा, तस्वीरें
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 18 Mar 2021 10:10 AM IST
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कैप्टन आशीष की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
ग्वालियर में वायुसेना के जहाज मिग-21 के हादसे में जालौन का लाल कैप्टन आशीष गुप्ता (38) शहीद हो गया। खबर सुनकर उरई के गोपालगंज मोहल्ला निवासी उनके दोनों चाचा बुधवार की दोपहर ग्वालियर के लिए रवाना हो गए। कैप्टन आशीष की चचेरी बहन सोनम ने बताया कि उस वक्त हम तीनों बहनें मम्मी सुनीता के साथ घर की ऊपर वाली मंजिल पर थे, तभी पड़ोस में ही रहने वाले बड़े पापा सुरेश गुप्ता ने दरवाजे पर दस्तक दी और बोले कि छोटे मनीष (आशीष के बड़े भाई) का फोन आया है कि आशीष का प्लेन ग्वालियर में हादसे का शिकार हो गया है और अज्जू भी उस हादसे में शहीद हो गया है।
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परिवार के साथ कैप्टन आशीष (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
बस, इतना सुनते ही पापा का चेहरा पसीने से तरबतर हो गया और वह दौड़ते हुए बरामदे में आए और मम्मी को चीखते हुए पुकार कर कहा सुनीता जल्दी नीचे आओ, अपने अज्जू को कुछ हो गया है। यह सुनकर हम सभी लोग नीचे आए तो बड़े पापा किसी तरह पापा को संभाले हुए थे।
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पत्नी के साथ कैप्टन आशीष (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद मनीष भइया का फोन लगना भी बंद हो गया। पापा मम्मी को कुछ समझ में नहीं आ रहा है और वे तुरंत ही करीब दोपहर साढ़े बारह बजे के आसपास बड़े पापा व बड़ी मम्मी राधा के साथ ग्वालियर के लिए रवाना हो गए।
पत्नी व बच्चों के साथ कैप्टन आशीष (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
पांच चचेरी बहनों के बीच अकेले भाई थे कैप्टन
संजय की बेटी और आशीष की चचेरी बहन सोनम ने बताया कि अज्जू भइया हम पांच बहनों के एकलौते भाई थे। एक बहन की शादी हो चुकी है और दूसरी बहन बाहर जॉब करती है। बाकी की तीनों बहनें यहीं उरई में ही रहती है।
संजय की बेटी और आशीष की चचेरी बहन सोनम ने बताया कि अज्जू भइया हम पांच बहनों के एकलौते भाई थे। एक बहन की शादी हो चुकी है और दूसरी बहन बाहर जॉब करती है। बाकी की तीनों बहनें यहीं उरई में ही रहती है।
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मोहल्ले के साथी चर्चा करते हुए
- फोटो : अमर उजाला
भले ही अज्जू भइया सगे भाई नहीं थे लेकिन न तो कभी उन्होंने इस बात का एहसास हम बहनों को होने दिया और न ही हम बहनों ने ही कभी उन्हें पराया महसूस होने दिया। पांचों बहनें बड़े शौक से अज्जू भइया के लिए हर रक्षा बंधन पर राखी भी भेजा करती थी। अब वे किसे राखी भेजेंगी, यह बोलते हुए सोनम फफक पड़ी और पास बैठी छोटी बहन रुपाली से लिपट गई।