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Kidney Racket: ओटी मैनेजर ने सहयोगियों के साथ मिलकर किया था किडनी ट्रांसप्लांट, डॉ. मुदस्सर नहीं था यूरो सर्जन

अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर Published by: Sharukh Khan Updated Sat, 04 Apr 2026 09:18 AM IST
सार

कानपुर किडनी ट्रांसप्लांट प्रकरण की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। ओटी मैनेजर ने सहयोगियों के साथ मिलकर किडनी ट्रांसप्लांट किया था। जिस डॉ. मुदस्सर अली सिद्दीकी को यूरो सर्जन बताया जा रहा था, वह ओटी मैनेजर निकला।

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Kidney Racket Exposed The OT Manager performed kidney transplant in collaboration with colleagues
Kidney Racket - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
कानपुर किडनी ट्रांसप्लांट प्रकरण की जांच कर रही पुलिस को चौंकाने वाली जानकारी मिली है। पुलिस को पता चला है कि जिस डॉ. मुदस्सर अली सिद्दीकी को यूरो सर्जन बताया जा रहा था, वह ओटी मैनेजर निकला। उसकी जान पहचान डॉ. रोहित, शिवम अग्रवाल और अन्य पैरामेडिकल स्टाफ से है। 


पुलिस की एक टीम उसके दिल्ली के उत्तमनगर स्थित फ्लैट पर गई थी। वहां उसकी पत्नी ने उसे ओटी मैनेजर बताया। पुलिस मुदस्सर अली की तलाश में जुटी है। पुलिस की जांच में सामने आया था कि रविवार की रात पारुल तोमर और आयुष की किडनी ट्रांसप्लांट के बाद करीब तीन बजे आहूजा हॉस्पिटल से दो कारें निकली थीं। 
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Kidney Racket Exposed The OT Manager performed kidney transplant in collaboration with colleagues
कानपुर के हैलेट अस्पताल से किडनी ट्रांसप्लांट के मरीजों को लखनऊ के लोहिया इंस्टीट्यूट में किया रेफर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
किया कैरेंस कार से ओटी टेक्नीशियन कुलदीप सिंह राघव, राजेश कुमार और यूरो सर्जन गाजियाबाद के वैशाली तक गए, जबकि अर्टिगा कार से पांच लोग लखनऊ के ट्रांसपोर्टनगर में उतरे थे।

 
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Kidney Racket Exposed The OT Manager performed kidney transplant in collaboration with colleagues
हैलट के सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल से किडनी के मरीज पारूल, आयुष को पीजीआई लखनऊ लेकर जाती एंबुलेंस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस ने कार के नंबर और सीसीटीवी कैमरों की मदद से कुलदीप सिंह राघव और राजेश कुमार को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने यूरो सर्जन डॉ. मुदस्सर अली की जानकारी दी थी। कहा कि वह वैशाली के एक बड़े अस्पताल में सर्जरी करते हैं। 
 
Kidney Racket Exposed The OT Manager performed kidney transplant in collaboration with colleagues
किडनी ट्रांसप्लांट मामले में गिरफ्तार ओटी टेक्नीशियन कुलदीप सिंह राघव और राजेश कुमार - फोटो : पुलिस
रविवार की रात रास्ते में जाते समय एक टोल पर कैरेंस कार के फास्टटैग का रिचार्ज खत्म हो गया। उसके लिए डॉ. अली ने ऑनलाइन रुपये कार चालक अजय यादव के खाते में ट्रांसफर किए। पुलिस ने डॉ. अली की जानकारी जुटाई। 

 
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Kidney Racket Exposed The OT Manager performed kidney transplant in collaboration with colleagues
कानपुर के हैलेट अस्पताल से किडनी ट्रांसप्लांट के मरीजों को लखनऊ के लोहिया इंस्टीट्यूट में किया रेफर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
डीसीपी पश्चिम एमएम कासिम आबिदी ने बताया कि शुक्रवार को पुलिस की एक टीम डॉ. अली के दिल्ली के उत्तमनगर स्थित फ्लैट पर गई थी जहां से उसके ओटी मैनेजर होने का पता चला।
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