{"_id":"5ebfe4498ebc3e90663168bb","slug":"lockdown-24-migrants-killed-38-injured-in-road-accident-in-up-s-auraiya","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"ग्राउंड रिपोर्ट: औरैया में 26 प्रवासी मजदूरों की हादसे में मौत, 27 लड़ रहे मौत से जंग, जानिए सब कुछ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ग्राउंड रिपोर्ट: औरैया में 26 प्रवासी मजदूरों की हादसे में मौत, 27 लड़ रहे मौत से जंग, जानिए सब कुछ
Sat, 16 May 2020 07:04 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 16 May 2020 07:04 PM IST
विज्ञापन
औरैया सड़क हादसे का दर्दनाक मंजर
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर प्रदेश के औरैया में इटावा-कानपुर हाईवे पर शनिवार भोर में करीब तीन बजे हुए भीषण सड़क हादसे में 26 मजदूरों की मौत हो गई। 38 मजदूर घायल हैं। ये सभी मजदूर लॉकडाउन में रोजगार गंवाने के बाद घर वापसी की कोशिश में थे। भीषण हादसे की जानकारी पर शासन ने दो थानेदारों के निलंबन के निर्देश दिए हैं। हादसा चिरुहुली गांव के समीप मिहोली में एक ढाबे के करीब हुआ।
शवों को बाहर निकालते पुलिस कर्मी
- फोटो : amar ujala
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि चूने की बोरियों से भरे ट्रॉला में लगभग 70 मजदूर बोरियों पर बैठे थे। यह ट्राला चूना लेकर राजस्थान से पश्चिम बंगाल जा रहा था। चालक ढाबे के करीब ट्राला रोकना चाहता था लेकिन ढाबे पर पहले से खड़ी डीसीएम के पिछले हिस्से में जा टकराया। रफ्तार ज्यादा तेज होने के कारण डीसीएम को टक्कर मारने के बाद ट्राला आगे बढ़कर खड्ड में जा पलटा। डीसीएम बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
जब जेसीबी पहुंची तब दबे हुए शवों को निकालने का काम हुआ शुरु
- फोटो : amar ujala
उछलकर गिरे मजदूर चूने की बोरियों से दबकर छटपटाने लगे। चीख-पुकार देख ढाबे वालों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस कुछ देर असहाय बनी रही। जेसीबी मशीन और क्रेन पहुंचने पर मजदूरों को निकालने का सिलसिला शुरू हुआ। तब तक 26 मजदूर दम तोड़ चुके थे। कई एंबुलेंस से घायलों को जिला अस्पताल भेजा गया। इनमें से 11 को अस्पताल में भर्ती करने के अलावा 27 गंभीर बताते हुए सैफई चिकित्सा विश्वविद्यालय भेज दिए गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
घायलों को सैफई मिनी पीजीआई और औरैया जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया है
- फोटो : amar ujala
हादसे से बचे छह मजदूरों को शेल्टर होम में रखा गया है। मजदूरों ने बताया कि लॉकडाउन में रोजगार छिन जाने के बाद घर वापसी की कोशिश में थे। विशेष बसों और ट्रेनों की जानकारी न होने से गाजियाबाद से सागर (मध्यप्रदेश) के लिए 30 हजार रुपये में डीसीएम बुक करके 22 मजदूर सवार हुए थे। ट्राला में सवार 70 मजदूरों में से किसी से 500 तो किसी से 800 रुपये चालक ने लिए थे।
विज्ञापन
तड़के हादसा होने की वजह से कुछ देर असहाय बनी खड़ी रही पुलिस
- फोटो : amar ujala
कमिश्नर, आईजी मौके पर
हादसे की जानकारी मिलते ही डीएम अभिषेक सिंह, एसपी सुनीति, अपर पुलिस अधीक्षक कमलेश कुमार दीक्षित, सीओ सिटी सुरेंद्रनाथ राय मौके पर पहुंचे। कुछ देर बाद ही कानपुर के कमिश्नर सुधीर एम बोबडे, आईजी मोहित अग्रवाल भी मौके पर पहुंच गए। औरैया में कई कोरोना केस मिलने पर इन दोनों अफसरों को जिले का नोडल अधिकारी भी बनाया गया है। एडीजी पुलिस जयनरायन सिंह ने भी मौके से लेकर जिला अस्पताल तक के हालात जाने। अफसरों ने सैफई में भर्ती घायलों का हाल भी पूछा।
हादसे की जानकारी मिलते ही डीएम अभिषेक सिंह, एसपी सुनीति, अपर पुलिस अधीक्षक कमलेश कुमार दीक्षित, सीओ सिटी सुरेंद्रनाथ राय मौके पर पहुंचे। कुछ देर बाद ही कानपुर के कमिश्नर सुधीर एम बोबडे, आईजी मोहित अग्रवाल भी मौके पर पहुंच गए। औरैया में कई कोरोना केस मिलने पर इन दोनों अफसरों को जिले का नोडल अधिकारी भी बनाया गया है। एडीजी पुलिस जयनरायन सिंह ने भी मौके से लेकर जिला अस्पताल तक के हालात जाने। अफसरों ने सैफई में भर्ती घायलों का हाल भी पूछा।