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UP: मथुरा में बाढ़ का खतरा...छह गांव खाली करने के निर्देश, यमुना में नाव चलाने पर रोक; देखें तस्वीरें
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Mon, 18 Aug 2025 08:05 PM IST
सार
मथुरा में यमुना का जलस्तर बढ़ने के साथ ही नदी किनारे रहने वालों की धड़कनें तेज हो गईं हैं। कई गांवों में पानी घुस गया है। प्रशासन ने छह गांव खाली करने को कहा है।
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सड़कों पर बह रहा यमुना का पानी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मथुरा में लगातार जलस्तर बढ़ने से यमुना नदी उफान पर है। इससे कई क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। नौहझील के कई गांवों में यमुना का पानी घुस गया है। बाढ़ जैसे हालात बनने के बाद अधिकारियों ने करीब छह गांवों के ग्रामीणों से घर छोड़ने को कहा गया है।
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मथुरा में बढ़ा यमुना का जलस्तर।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
नौहझील क्षेत्र के अतिसंवेदनशील गांव अड्डा मीणा, फिरोजपुर, मांगलखोर, अड्डा जाटव, छिनपारई और अड्डा मल्हान आते हैं। इन गांवों में बीते दो दिन में ग्रामीणों के घरों तक पानी पहुंच गया है। सोमवार को अधिकारियों ने करीब 11 हजार की आबादी वाले इन गांवों के ग्रामीणों से घर खाली करने को कहा है। अधिकारियों ने प्रत्येक गांव में जाकर लाउडस्पीकर के माध्यम घर खाली करने की घोषणा की, लेकिन ग्रामीण गांव खाली करने को तैयार नहीं हैं।
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यमुना का जलस्तर बढ़ा।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गांवों के चारों ओर पानी ही पानी नजर आ रहा है। सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई है। पशुओं के चारे और खेतों में खड़ी फसलों को लेकर किसानों की धड़कनें बढ़ गई हैं। नौहझील-शेरगढ़ मार्ग पर भी करीब तीन-तीन फीट पानी बह रहा है। मांट क्षेत्र के कुछ गांवों का भी यही हाल है। मथुरा के जयसिंहपुरा में भी लोगों के घरों की देहरी तक पानी पहुंच गया। विश्राम घाट स्थित आरती स्थल पर भी पानी भर गया है। बाढ़ का खतरा बढ़ने से यमुना किनारे रहने वालों में दहशत है।
मथुरा में बाढ़ का खतरा।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अधिकारियों ने संबंधित क्षेत्रों में बाढ़ चौकियां सक्रिय कर दी हैं। खतरा बढ़ने पर ग्रामीणों को राहत शिविरों में पहुंचाया जाएगा। हालांकि अधिकारियों ने अभी और जलस्तर बढ़ने की आशंका जताई है। बीते 24 घंटे में यमुना का जलस्तर 165.56 से बढ़कर 165.79 मीटर तक पहुंच गया है। यह खतरे का निशान 166.00 से 21 सेंटीमीटर कम है।
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मथुरा में बाढ़ का खतरा।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सिंचाई विभाग अपर खंड के एक्सईएन नवीन कुमार ने बताया है कि सोमवार को ताजेवाला बैराज से 37473 क्यूसेक और ओखला बैराज से 28910 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जबकि मथुरा के गोकुल बैराज से 82000 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया है। मंगलवार और बुधवार को और यमुना जलस्तर बढ़ने की आशंका है। हालांकि प्रशासन और सिंचाई विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही है।
