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Mathura: खतरे के निशान के पार यमुना...दो हजार लोग किए रेस्क्यू, खतरे में 1500 जिंदगियां; अगले 24 घंटे भारी
Wed, 03 Sep 2025 07:13 PM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Wed, 03 Sep 2025 07:13 PM IST
सार
मथुरा में यमुना के राैद्र रूप से हालात बिगड़ रहे हैं। राहत शिविरों में लोगों को पहुंचाने के लिए 2 स्टीमर और एक नाव लगाई गई है। निचले इलाकों में करीब 4 से 5 हजार लोग निवास करते हैं। दो हजार लोग शिविर में रह रहे हैं।
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मथुरा में बाढ़ जैसे हालात की तस्वीरें
- फोटो : संवाद
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हथिनीकुंड बैराज से यमुना नदी में छोड़ा गया पानी आफत बन गया है। तटवर्ती इलाकों में बनीं कॉलोनियां और गांव दरिया बन चुके हैं। इन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को बाहर निकाला जा रहा है। प्रशासन ने 3 राहत शिविर बनाए हैं। जहां करीब 2 हजार लोगों को रखा गया है। टीमें लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में गश्त कर रही हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का खाली कराया जा रहा है। नगर निगम और प्रशासन के अधिकारी खुद स्टीमर में बैठकर लोगों को आगाह कर रहे हैं। आगामी 24 घंटे तटवर्ती इलाकों के लिए खतरे का सबब बन सकते हैं। इसके अलावा कुछ इलाकों में रह रहे करीब 1500 लोगों की जिंदगियां खतरे में फंसी हैं।
कॉलोनी में भरा पानी
- फोटो : संवाद
सिंचाई विभाग के आंकड़ों के अनुसार बुधवार को यमुना का जलस्तर 166.44 मीटर तक रहा। ये रात में करीब 167.5 मीटर तक पहुंच सकता है। बाढ़ नियंत्रण प्रभारी एडीएम वित्त एवं राजस्व पंकज कुमार वर्मा ने बताया कि हथनीकुंड से 3.29 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। जो कि बुधवार रात से बृहस्पतिवार सुबह तक मथुरा यमुना में दस्तक दे सकता है।
कॉलोनी में भरा पानी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
प्रभावित क्षेत्रों में मुनादी करवाकर काॅलानियों को खाली कराया गया है। लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाने के लिए 2 स्टीमर और एक नाव लगाई गई है। जो लगातार काम कर रही हैं। उन्होंने बताया कि निचले इलाकों में करीब 4 से 5 हजार लोग निवास करते हैं। जिन्हें राहत शिविरों में भेजा जा रहा है।
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यमुना में बाढ़।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इन इलाकों में भरा पानी
श्हरी क्षेत्र के वृंदावन, जयसिंह पुरा, विश्राम घाट और लक्ष्मीपुर एरिया में पानी भर गया है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में महावन के नगला कोस, छाता के बाबूगढ़, मांट के नौहझील और शेरगढ़ इलाके डूब गए हैं।
श्हरी क्षेत्र के वृंदावन, जयसिंह पुरा, विश्राम घाट और लक्ष्मीपुर एरिया में पानी भर गया है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में महावन के नगला कोस, छाता के बाबूगढ़, मांट के नौहझील और शेरगढ़ इलाके डूब गए हैं।
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मथुरा में बाढ़।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पशुओं के लिए मुसीबत
यमुना के खादर इलाकों में पशुओं की स्थिति खतरनाक है। कुत्ते, बकरियां और गाय पानी में फंसे हैं। हालांकि उन्हें राधा गोशाला में भिजवाया जा रहा है, लेकिन इसके अलावा तमाम कुत्ते अभी बाढ़ ग्रसित इलाकों में दिखाई दिए।
यमुना के खादर इलाकों में पशुओं की स्थिति खतरनाक है। कुत्ते, बकरियां और गाय पानी में फंसे हैं। हालांकि उन्हें राधा गोशाला में भिजवाया जा रहा है, लेकिन इसके अलावा तमाम कुत्ते अभी बाढ़ ग्रसित इलाकों में दिखाई दिए।