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मथुरा नाव हादसा: पत्नी का पति से छूटा हमेशा लिए साथ, हादसे में बचे लोगों ने उन पलों की भयावहता बताई; जानें
अमर उजाला नेटवर्क, मथुरा
Published by: Sharukh Khan
Updated Sat, 11 Apr 2026 03:18 PM IST
सार
मथुरा के केसीघाट पर रिवर फ्रंट निर्माण के कारण यमुना का जलस्तर काफी घट गया है। अगर यमुना का जलस्तर सामान्य दिनों की तरह होता तो मंजर और भी भयावह हो सकता था। गनीमत रही कि जलस्तर कम है। इसलिए बचाव दल ने कई जिंदगियों को बचा लिया।
मथुरा के वृंदावन में यमुना में हुए श्रद्धालुओं की मौत के मामले में बड़ी जानकारी सामने आई है। भीषण हादसे का सबब बने पांटून पुल को हटाने की कवायद की जा रही थी। श्रद्धालुओं से भरी मोटरबोट पांटून पुल के एंकर से उलझने के बाद पुल से टकराने के बाद पलट गई। हादसे के बाद 15 पीपों के पुल यमुना में बेलगाम होकर बहता रहा।
इस दौरान उसे रोकने की काफी मशक्कत की गई मगर सफलता नहीं मिली। पुल के यमुना में बेलगाम बहने के कारण बचाव कर्मियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। यमुना में सिंचाई विभाग रिवर फ्रंट विकसित करने का काम कर रहा है। इसके लिए यमुना की बालू को हटाने के लिए ड्रेजिंग मशीन लगाई गई है। सूत्रों ने बताया कि इस ड्रेजिंग मशीन को दूसरी ओर लगाने में पीपों का पुल बाधा बन रहा था।
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मथुरा में हादसे के बाद पांटुन पुल के पास तलाशी अभियान चलाते गोताखोर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
यही कारण था कि पीपों के पुल को हटाने का काम किया जा रहा था। पांटून पुल को बीच से हटा दिया गया। इसके बाद 15 पीपों के पुल को थामने के लिए नदी किनारे लगाए गए कुंडों को लोगों ने लोहे के गर्डर व रस्से बांधकर रोकने का प्रयास किया, लेकिन नदी के तेज बहाव के कारण 15 पीपों वाला यह पुल नदी में बहता चला गया।
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मथुरा में बोट हादसे के बाद मौके पर जमा भीड़ और पुलिस
- फोटो : पीटीआई
शुक्र रहा कि कोई और नाव इसकी चपेट में नहीं आई। बचाव कार्य में भी पीपों का पुल यहां से वहां नदी में तैरता रहा। इस कारण नदी में बचाव कार्य में जुटे सेना, एसडीआरएफ व स्थानीय गोताखोरों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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मथुरा में बोट हादसे के बाद मौके पर जमा भीड़ और बचाव अभियान चलाती पुलिस
- फोटो : पीटीआई
कम किया था प्रवाह...
मथुरा के केसीघाट पर रिवर फ्रंट निर्माण के कारण यमुना का जलस्तर काफी घट गया है। अगर यमुना का जलस्तर सामान्य दिनों की तरह होता तो मंजर और भी भयावह हो सकता था। गनीमत रही कि जलस्तर कम है। इसलिए बचाव दल ने कई जिंदगियों को बचा लिया।
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मथुरा में बोट हादसे के बाद मौके पर जमा भीड़
- फोटो : पीटीआई
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना कि यमुना का जलस्तर कम होने के बाद यमुना किनारे जगह-जगह से बालू आदि को हटाया जा रहा है। इससे बचाव कार्य में जुटे दल को काफी मदद मिली। कम पानी होने से बचावकर्मी आसानी से श्रद्धालुओं तक पहुंच सके और उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला जा सका।
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