मुकीम काला गिरोह इतना खतरनाक रहा है कि पुलिस के सामने आते ही गोलियां चला देता था। सहारनपुर जिले में ही इस गिरोह ने दो पुलिसकर्मियों की जान ली तो शामली में एक सिपाही की हत्या कर दी थी।
खतरनाक था मुकीम काला गिरोह: पुलिस को सामने आते ही मार देते थे गोली, इन बड़ी वारदातों को दिया था अंजाम, अब खौफ हुआ खत्म
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मुकीम के सरगना बनने पर सबसे पहली वारदात
2011 में जब पुलिस ने मुस्तफा उर्फ कग्गा को एनकाउंटर में मार गिराया तो गिरोह की कमान संभालते ही मुकीम काला ने सबसे पहली वारदात सहारनपुर जिले में अंजाम दी। तब उसने अक्तूबर 2013 में बेहट कोतवाली क्षेत्र में रेत खनन रायल्टी का कैश लूटा। उसकी रिपोर्ट बेहट कोतवाली पर दर्ज हुई थी।
इसी वर्ष उसने बिहारीगढ़ क्षेत्र में स्कॉर्पियो लूटी और फिर देहरादून में इसी स्कॉर्पियो सवार बदमाशों ने लूट की थी। इसके अलावा 2013 में ही गंगोह स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज के गार्ड पर अंधाधुंध फायरिंग कर दहशत बनाते हुए दुनाली बंदूक लूट ली थी।
रेत खनन की रॉयल्टी और सोना लूट ज्यादा कीं
मुकीम काला के गिरोह ने जिले में रेत खनन की रॉयल्टी लूटने और तनिष्क शोरूम सहित सराफ के यहां से सोना लूटने की वारदातें भी अंजाम दीं। बेहट कोतवाली क्षेत्र में रेत खनन की रॉयल्टी लूटने के लिए सुरक्षाकर्मी को गोली मार दी थी और उसकी रायफल, बुलेरो भी लूट ली थी। इस बारे में बेहट कोतवाली पर रिपोर्ट दर्ज हुई।
इस वारदात को अंजाम देकर भागते समय तीतरो क्षेत्र के धानवा गांव के जंगल में पहुंचे तो गिरोह के दो सदस्यों को ग्रामीणों ने घेर लिया और मार दिया था। गंगोह इंजीनियरिंग कॉलेज के गार्ड से लूटी गई दुनाली बंदूक यहीं पर बरामद हुई थी। इस संबंध में तीतरो थाने पर रिपोर्ट दर्ज हुई थी। गंगोह में भी सराफ किशनचंद्र के घर में घुसकर इस गिरोह ने 70 लाख की डकैती डाली थी और सराफ को गोली मार दी थी।