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खतरनाक था मुकीम काला गिरोह: पुलिस को सामने आते ही मार देते थे गोली, इन बड़ी वारदातों को दिया था अंजाम, अब खौफ हुआ खत्म

Sat, 15 May 2021 03:39 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Sat, 15 May 2021 03:39 PM IST
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Chitrakoot Encounter: Mukeem Kala gang had fired at the police and created many incidents in Saharanpur
मुकीम काला और चित्रकूट जेल का फाइल फोटो - फोटो : amar ujala

मुकीम काला गिरोह इतना खतरनाक रहा है कि पुलिस के सामने आते ही गोलियां चला देता था। सहारनपुर जिले में ही इस गिरोह ने दो पुलिसकर्मियों की जान ली तो शामली में एक सिपाही की हत्या कर दी थी। 



इस गिरोह ने अक्तूबर 2011 में सहारनपुर जिले के बेहट कोतवाली क्षेत्र में रायल्टी का कैश लूटने की कोशिश की थी और पुलिस पिकेट पर तैनात कांस्टेबल बलबीर सिंह और होमगार्ड पर गोलियां बरसा दी थीं। इस हमले में कांस्टेबल बलबीर की मौत हो गई थी। इस वारदात में मुस्तफा उर्फ कग्गा गिरोह का सरगना था, जबकि मुकीम काला, साबिर जंधेडी और वाजिद काला सक्रिय सदस्य थे। इसके बाद 2013 में मुकीम काला और इसके साथियों ने यमुनानगर में पेट्रोल पंप से कैश लूटा और सहारनपुर की तरफ भागे थे। सहारनपुर शहर में सर्किट हाउस रोड पर सीओ उमेश यादव और उनके गनर राहुल ढाका ने इनकी घेराबंदी की तो मुकीम के गिरोह ने गोलियां बरसा दी थीं। उसमें सिपाही राहुल ढाका की गोली लगने से मौत हो गई थी और मुकीम का गिरोह राहुल ढाका की कारबाईन भी लूटकर फरार हो गया था। ऐसी अन्य भी कई वारदातें रहीं, जब मुकीम काला के गिरोह ने पुलिस के सामने आने पर गोलियां बरसाईं।

Chitrakoot Encounter: Mukeem Kala gang had fired at the police and created many incidents in Saharanpur
मुकीम काला - फोटो : amar ujala

मुकीम के सरगना बनने पर सबसे पहली वारदात 
2011 में जब पुलिस ने मुस्तफा उर्फ कग्गा को एनकाउंटर में मार गिराया तो गिरोह की कमान संभालते ही मुकीम काला ने सबसे पहली वारदात सहारनपुर जिले में अंजाम दी। तब उसने अक्तूबर 2013 में बेहट कोतवाली क्षेत्र में रेत खनन रायल्टी का कैश लूटा। उसकी रिपोर्ट बेहट कोतवाली पर दर्ज हुई थी।

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मेराज अली, मुकीम काला, अंशुल दीक्षित - फोटो : amar ujala

इसी वर्ष उसने बिहारीगढ़ क्षेत्र में स्कॉर्पियो लूटी और फिर देहरादून में इसी स्कॉर्पियो सवार बदमाशों ने लूट की थी। इसके अलावा 2013 में ही गंगोह स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज के गार्ड पर अंधाधुंध फायरिंग कर दहशत बनाते हुए दुनाली बंदूक लूट ली थी। 

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Chitrakoot Encounter: Mukeem Kala gang had fired at the police and created many incidents in Saharanpur
कुख्यात मुकीम काला। - फोटो : amar ujala

रेत खनन की रॉयल्टी और सोना लूट ज्यादा कीं 
मुकीम काला के गिरोह ने जिले में रेत खनन की रॉयल्टी लूटने और तनिष्क शोरूम सहित सराफ के यहां से सोना लूटने की वारदातें भी अंजाम दीं। बेहट कोतवाली क्षेत्र में रेत खनन की रॉयल्टी लूटने के लिए सुरक्षाकर्मी को गोली मार दी थी और उसकी रायफल, बुलेरो भी लूट ली थी। इस बारे में बेहट कोतवाली पर रिपोर्ट दर्ज हुई। 

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Chitrakoot Encounter: Mukeem Kala gang had fired at the police and created many incidents in Saharanpur
खंडहर पड़ा मुकीम काला का घर। - फोटो : amar ujala

इस वारदात को अंजाम देकर भागते समय तीतरो क्षेत्र के धानवा गांव के जंगल में पहुंचे तो गिरोह के दो सदस्यों को ग्रामीणों ने घेर लिया और मार दिया था। गंगोह इंजीनियरिंग कॉलेज के गार्ड से लूटी गई दुनाली बंदूक यहीं पर बरामद हुई थी। इस संबंध में तीतरो थाने पर रिपोर्ट दर्ज हुई थी। गंगोह में भी सराफ किशनचंद्र के घर में घुसकर इस गिरोह ने 70 लाख की डकैती डाली थी और सराफ को गोली मार दी थी।

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