पहले पीटीएस में फर्जी प्रशिक्षु महिला का पकड़ा जाना और अब पीएसी से चोरी इंसास की नाटकीय ढंग से बरामदगी से साफ है कि सुरक्षा बलों में आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों की घुसपैठ बढ़ती जा रही है। भले ही पीएसी के सिपाहियों ने इंसास चोरी करने में कोई साजिश रची हो। लेकिन यह सुरक्षा में बड़ी चूक मानी जा रही है। इस तरह की सेंधमारी से बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। इससे पहले कुछ पुलिसकर्मियों के बदमाशों को संरक्षण देने और खुद अपराध में लिप्त पाए जाने के मामले भी सामने आते रहे हैं।
यूपी: फर्जी प्रशिक्षु के बाद इंसास चोरी का मामला बड़ी चूक, सुरक्षा में सेंधमारी पर उठे कई सवाल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
17 जून की रात पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय (पीटीएस) में एक फर्जी महिला प्रशिक्षु सिपाही को पकड़ा गया था। इस युवती के पास से परिचय पत्र, बेल्ट, टोपी और वर्दी भी बरामद की गई थी। इसका खुलासा तब हुआ जब महिला प्रशिक्षुओं की गिनती की गई तो 401 के स्थान पर 402 महिला प्रशिक्षु मिलीं। बिजनौर निवासी प्रीति नाम की जो युवती अतिरिक्त प्रशिक्षु मिली, उसका कहीं भी रिकॉर्ड नहीं मिला था। जिसके बाद आरोपी प्रीति के खिलाफ थाना खरखौदा पर केस दर्ज कराते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
इस प्रकरण में आईजी पीटीएस लक्ष्मी सिंह ने जांच बैठाते हुए कहा था कि फर्जी महिला आरक्षी ने दूसरे जनपदों में भी ट्रेनिंग ली है, जिसके चलते उसकी भूमिका संदिग्ध नजर आ रही है। वहीं, पुलिस की जांच में बिजनौर का सिपाही कपिल जांच के घेरे में है। विवेचक बीएस चौहान के अनुसार आरोपी सिपाही कपिल ने धामपुर के साइबर कैफे से युवती के फर्जी कागजात तैयार कराए। मेडिकल भी फर्जी पाया गया।
फर्जी महिला प्रशिक्षु सिपाही का मामला शांत भी नहीं हुआ कि पीटीएस के सामने ही 44 वी वाहिनी पीएसी के कमांड हाउस से इंसास चोरी हो गई। यह इंसास 22 जून को चोरी हो गई थी। लेकिन इसे 28 जून को चोरी होना बताकर पीएसी के एचसीपी गुरुदेव सिंह, कांस्टेबल सोनू सिंह, रत्नेश, प्रेमवीर और अंकित नागर के खिलाफ मुकदमा हुआ। इंसास प्रेमवीर के नाम आवंटित थी। इन पांच पुलिसकर्मियों के अलावा 11 अन्य के खिलाफ विभागीय जांच बैठी तो खलबली मच गई।
अभी तक प्राथमिक जांच में सामने आया कि साजिश के तहत नजदीकी सिपाही ने ही इंसास को चोरी कराया। उसके बाद अलग-अलग मोबाइल नंबरों से इंसास के बदले में 3.5 लाख की की रकम मांगी गई। रकम न देने के लिए यह भी कहा गया कि तो फिर मुकदमा झेलने के लिए तैयार रहें।
पुलिस मान रही है कि सिपाही प्रेमवीर और उसके साथियों पर मुकदमा, निलंबन और जेल भिजवाने को लेकर साजिश रची गई। जिसमें वह खुद भी फंस गया है। पुलिस और पीएसी के अधिकारी पहले से ही मान रहे थे कि मामला अंदर से ही जुड़ा हुआ है। कमांड हाउस की गारद तक बाहरी व्यक्ति नहीं पहुंच सकता।
जांच शुरू
इंसास की चोरी का जब केस दर्ज हुआ तो पीएसी परिसर का चप्पा-चप्पा खोजा गया था। लेकिन सुराग नहीं लगा था। लेकिन जैसे ही अधिकारी सक्रिय हुए तो शनिवार देर रात यह इंसास पीएसी परिसर के छज्जे पर रखवा दी गई।
जांच चल रही, होगी कार्रवाई
इंसास चोरी के मुकदमे में विवेचना चल रही है। पीएसी के अधिकारियों ने विभागीय जांच भी आरोपी पुलिसकर्मियों पर शुरू की है। इस मामले में लापरवाही पाई गई तो उसी के आधार पर मुकदमे में कार्रवाई होगी। -अविनाश पांडेय, एसपी देहात