जम्मू- कश्मीर के पुलवामा में गुरुवार को हुए आतंकी हमले में शामली के दो लाल शहीद हो गए। दोनों के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। वहीं दोनों गांवों में शोक की लहर दौड़ गई है। दोनों के घर के बहार ग्रामीणों का तांता लगा हुआ है। आगे देखिए कुछ तस्वीरें:-
पुलवामा आतंकी हमले में शामली के दो लाल शहीद, रो-रोकर परिजनों का बुरा हाल, देखें तस्वीरें
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बता दें कि पुलवामा में सीआरपीएफ कैंप पर हुए आतंकी हमले में प्रदीप और अमित शहीद हो गए है। प्रदीप दो दिन पहले ही तयेरे भाई की शादी के बाद लौटा था। जबकि अमित 20 दिन पहले ही वापस लौटा था। प्रदीम ने गुरुवार सुबह 11 बजे भी परिजनों से प्रदीप की फोन पर बात हुई थी, लेकिन शाम को ही उसकी शहादत की खबर आ गई। प्रदीप के पिता जगदीश का कहना है कि उसे गर्व है कि उसका बेटा देश के लिए शहीद हुआ है, लेकिन वह चाहते हैं कि मोदी सरकार उसकी शहादत का ऐसा बदला ले।
परिजनों के अनुसार प्रदीप वर्ष 2003 में सीआरपीएफ में भर्ती हुआ था। वर्तमान में उसकी पोस्टिंग श्रीनगर में थी। उसकी पत्नी कामिनी और दो बेटे सिद्धार्थ और दुष्यंत गाजियाबाद में रहते हैं। बाकी परिजन गांव में। परिजनों ने बताया कि आठ फरवरी को ही वो अपने ताऊ के लड़के अमित की शादी में छुट्टी लेकर आया था। गाजियाबाद के गोविंदपुरम निवासी उसकी पत्नी और बच्चे भी आए थे। सब बड़े खुश थे। 12 फरवरी को ही वो वापस ड्यूटी पर गया था। चचेरे भाई उमेश कुमार के अनुसार के अनुसार गुरुवार सुबह 11 बजे ही प्रदीप का फोन उनके पास आया था।
उसने कहा था कि वो अपनी ड्यूटी पर पहुंच गया है। परिजन भी निश्चिंत हो गए थे, लेकिन शाम को वहां आतंकी हमले की खबर मीडिया पर चलने के बाद वे परेशान हो गए। प्रदीप का फोन मिलाया, लेकिन वो नहीं लगा। वे लोग प्रदीप के परिचितों से संपर्क में लगे थे। इस बीच रात करीब सवा नौ बजे उसकी बटालियन के किसी अधिकारी का फोन आया कि प्रदीप कुमार आतंकी हमले में शहीद हो गए हैं। ये सुनकर उन्हें यकीन ही नहीं हुआ कि ये भी हो सकता है।
खबर आते ही प्रदीप के घर उमड़ा पूरा गांव
प्रदीप की शहादत की खबर आते ही प्रदीप के घर ग्रामीणों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया। ग्रामीण परिजनों को सांत्वना देने पहुंच रहे थे। प्रदीप की पत्नी और बच्चे गाजियाबाद में ही थे। उन्हें भी परिजनों ने देर रात तक खबर नहीं दी थी। रात करीब 11 बजे सैकड़ों ग्रामीण प्रदीप के घर पर जुटे थे। आदर्श मंडी थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और परिजनों से बात की।