मेरठ के रोहटा थानाक्षेत्र में हुए ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर बुधवार को धरना-प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई के बाद हंगामा हो गया। इस दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया। वहीं गुरुवार को मेरठ के रोहटा थाना क्षेत्र स्थित गांव में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। पूरे गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। एहतियात के तौर पर बाहरी लोगों और मीडिया के प्रवेश पर भी रोक लगा दी गई।
Meerut: लखनऊ तक गूंजा थप्पड़ कांड, गांव में हाई अलर्ट, छावनी में तब्दील क्षेत्र, बाहरी लोगों की एंट्री पर रोक
मेरठ के रोहटा क्षेत्र के थिरोट गांव में ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर हुए प्रदर्शन के बाद भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। बाहरी लोगों और मीडिया के प्रवेश पर रोक लगाई गई है।
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सोशल मीडिया पर प्रदर्शन की घोषणा के बाद बढ़ाई सुरक्षा
प्रशासन के अनुसार विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों की ओर से सामाजिक माध्यमों पर गांव पहुंचकर विरोध प्रदर्शन करने की घोषणाएं की गई थीं। इसे देखते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए गांव की घेराबंदी कर दी गई और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।
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गांव के सभी प्रमुख मार्गों पर हो रही निगरानी
गुरुवार सुबह से ही गांव के सभी प्रमुख रास्तों पर पुलिस बल तैनात किया गया। आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति की निगरानी की गई। बाहरी लोगों के गांव में प्रवेश पर रोक लगाई गई, जबकि मीडिया कर्मियों को भी गांव के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई।
प्रशासन बोला-कानून व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता
प्रशासन का कहना है कि किसी भी अप्रिय घटना को रोकने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। पूरे दिन पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी गांव की स्थिति पर नजर बनाए रहे और सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सख्त रखी गई।
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ये है पूरा मामला
टीपीनगर थाना क्षेत्र की बीए की छात्रा 15 मई की सुबह स्नातक की परीक्षा देने घर से निकली थी लेकिन वह कॉलेज नहीं पहुंची। पुलिस के अनुसार रोहटा थाना क्षेत्र के कल्याणपुर गांव निवासी अंकुश उसे अगवा कर उकसिया गांव ले गया था। वहां ईख के खेत में उसने छात्रा पर शादी का दबाव बनाया।
छात्रा के इनकार करने पर आरोपी ने गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने अपहरण और हत्या के आरोप में अंकुश तथा साक्ष्य छिपाने के आरोप में खेत मालिक आदेश व एक अन्य को गिरफ्तार कर कार्रवाई की थी। वहीं परिजन छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए अंकुश के भाई, पीएसी के सिपाही अंकित, और उसकी मां की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। इसके बाद धरना प्रदर्शन के बाद लाठीचार्ज किया गया। इसी बीच एसएसपी अविनाश पांडेय के एक वकील को थप्पड़ मारने के मामले ने तूल पकड़ लिया।