Lockdown update west up: सातवें दिन मुजफ्फरनगर-बिजनौर में जेल से रिहा हुए सौ से ज्यादा विचाराधीन कैदी, मेरठ में चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात
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शामली जिले में बाॅर्डर सील होने के कारण सबसे ज्यादा समस्या पशुपालकों और गौशाला संचालकों को आ रही है। रास्ते बंद होने के कारण व्यापारियों को भी खाद्य सामग्री की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इसे लेकर थोक व्यापारी काफी परेशान है।
उनका कहना है कि दुकानों में स्टाॅक खत्म होने लगा है वहीं सामान लाने में समस्या आ रही है। लाॅकडाउन के सातवें दिन शहर में फिर से सन्नाटा पसरा है। हालांकि सुबह लोग दूधा, सब्जी और अन्य सामान लेने के लिए घरों से निकले। नौ बजते ही पुलिस ने दुकानें बंद करा दी जिसके बाद सड़कें फिर से सूनी हो गईं।
सहारनपुर में आईआईए के चैप्टर चेयरमैन रविंद्र मिगलानी ने कर्मचारियों से पलायन नहीं करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इससे लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग का उददेश्य विफल हो रहा है। तहसीलदार कमलेश कुमार ने बताया कि जय कृष्णा पैलेस को आश्रय स्थल बनाया है। इसमें 50 लोगों के ठहरने और खाने पीने की व्यवस्था है।
फतेहपुर थाने के गांव चौबारा के चार युवक जम्मूू कश्मीर में फंसे हुए हैं। परिजन मुकर्रम, अकबर आदि ने बताया कि उनके बेटे रिहान खान, हारुन, सलमान, शाकिर जम्मू कश्मीर के जिले सांबा के बरी ब्रह्मणा क्षेत्र में जनता कर्फ्यू के बाद से ही फंसे हैं। सभी वेल्डर का काम करते थे। ठेकेदार द्वारा उन्हें मजदूरी भी देने से मना कर दिया गया है। ऐसे में उनके सामने वहां भूखों मरने की नौबत आ गई है।