रिमांड पर म्यांमार के युवकों ने उगले चार संदिग्ध छात्रों के नाम, तलाश में पुलिस ने दी ताबड़तोड़ दबिश
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कस्बा जलालाबाद में 28 जुलाई को पकड़े गए म्यांमार निवासी अब्दुल मजीद, नोमान, फुरकान और रिजवान को पुलिस ने सात दिन के रिमांड पर ले रखा है। बुधवार को पांचवें दिन भी चारों युवकों से पुलिस और खुफिया विभाग की टीम पूछताछ में जुटी रही।
सूत्रों के मुताबिक पूछताछ में म्यांमार निवासी करीब 25 संदिग्ध छात्रों के मदरसे से गायब होने की जानकारी मिली थी, उनमें से चार छात्रों के नाम पुलिस के हाथ लग गए हैं।
इन चारों के सहारनपुर या देवबंद में छिपे होने की जानकारी है। इस आधार पर पुलिस छात्रों के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस का मानना है कि अगर ये चारों छात्र पकड़ में आ जाते हैं तो पूछताछ के बाद उनके अन्य साथियों के बारे में भी जानकारी मिल सकती है।
थानाध्यक्ष संदीप बालियान ने बताया कि गायब होने वाले संदिग्ध छात्रों में से चार छात्रों के नाम सामने आए है, जिनकी तलाश की जा रही है।
अब्दुल मजीद है मास्टरमाइंड
खुफिया विभाग की जांच के अनुसार अब्दुल मजीद म्यांमार या बाहर के लोगों को भारत में बसाने का मास्टरमाइंड है। जांच में यह भी सामने आया है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ही अब्दुल मजीद ने जम्मू में भी कुछ बाहरी लोगों को मकान दिलवाए हैं।
जलालाबाद में भी म्यांमार निवासी तीनों भाई नोमान, फुरकान और रिजवान को भी बसाने की कोशिश थी, लेकिन वे पहले ही पकड़ में आ गए। हालांकि जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
मजीद ने आधार कार्ड भी बंगाल में बनवाया
खुफिया विभाग की जांच में सामने आया है कि अब्दुल मजीद ने बांग्लादेश के रास्ते पश्चिम बंगाल आकर सबसे पहले फर्जी तरीके से बंगाल का पहचानपत्र हासिल किया और इसके बाद वहीं पर आधार कार्ड बनवाया।
बंगाल में आधार कार्ड बनवाने के बाद अब्दुल मजीद ने उस आधार कार्ड को झिंझाना के पते पर ट्रांसफर कराया और फिर झिंझाना से जलालाबाद। इस काम उसकी मदद करने वालों की तलाश की जा रही है।