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बिलखते हुए शहीद पिता को जगाता रहा आरव... उठ जाओ नीतू भइया, उठ जाओ, झकझोर देंगी ये तस्वीरें
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: कपिल kapil
Updated Tue, 19 Feb 2019 07:49 PM IST
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शहीद अजय कुमार
- फोटो : अमर उजाला
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शहीद अजय कुमार उर्फ नीतू का पार्थिव शरीर उनके घर पहुंचा तो कोहराम मच गया। आखिरी दर्शन के लिए ढाई साल के बेटे आरव को परिजन लेकर आए तो वो चीखने लगा। इतनी भीड़। इतनी चीत्कार कि उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था। अंतिम दर्शन के बाद आईटीआई के खेल मैदान में मुखाग्नि के लिए उसको लाया गया तो दादा बिलख पड़े। पोते से कहने लगे कि बेटा नीतू भईया अब चले गए हैं। ये सुन आरव रोते-रोते चिल्लाने लगा। नीतू भईया उठ जाओ...उठ जाओ। इस क्षण को देखकर हर किसी की आंख नम हो गई। सबकी जुबां पर बस यही शब्द सुनाई दिए कि इस मासूम का क्या होगा।
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शहीद अजय कुमार
- फोटो : अमर उजाला
ढाई साल के आरव की इतनी उम्र नहीं कि उसे अभी पापा की शहादत के मायने पता हों। वो तो बस कल से घर में सबको रोता देखकर रो रहा था। अजय कुमार के घर का नाम नीतू होने के कारण वो उन्हें प्यार से नीतू भईया बुलाता था।
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शहीद अजय कुमार
- फोटो : अमर उजाला
मंगलवार को अजय कुमार के पार्थिव शरीर को घर लाया गया तो भीड़ के कारण वहां हालात बेकाबू की स्थिति में आ गए। कोहराम मच गया। आरव को परिजन उसके पिता का चेहरा दिखाने के लिए लाए तो वो सबको रोता देखकर सहम गया। बिलखने लगा। अंतिम यात्रा में डेढ़ किलोमीटर तक आरव के आंसू नहीं थमे।
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शहीद अजय कुमार
- फोटो : अमर उजाला
अंत्येष्टी के वक्त आरव को पिता को चेहरा दिखाते हुए परिजन बिलख पड़े। कहने लगे कि तेरे नीतू भईया जा रहे हैं। बेटा तू ही उठा ले। आरव रोते हुए चिल्लाता रहा कि नीतू भईया उठ जाओ...उठो ना। लेकिन उस मासूम को ये नहीं पता था कि उसके नीतू भईया अब ऐसी जगह जा चुके हैं जहां से लौटकर कोई नहीं आता।
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शहीद अजय कुमार
- फोटो : अमर उजाला
वहीं जिस समय मुखाग्नि दी गई तो परिजन बेसुध हो गए। सेना के जवान-अफसर की आंखें भी नम हो गईं। आरव रोते-रोते बाबा के सीने से चिपट गया। उसे अभी भी पता नहीं था कि उसके सिर से पिता का साया उठ गया है। उसके नीतू भईया चले गए हैं अब कभी न आने के लिए।
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