मां देख तिरंगा मेरे तन पर, कितना सुंदर खिलता है। ऐसा कफन मेरी मां बस, किस्मत वालों को मिलता है। देकर समर्पण मातृभूमि को, गर्व से मैं इठलाता हूं। मैं तेरा बेटा बनकर आया, इस दुनिया में मां, लेकिन भारत मां का बेटा बनकर इस दुनिया से जाता हूं। आपके हवाले वतन... मैं चला अंतिम यात्रा पर...
मां देख तिरंगा मेरे तन पर कितना सुंदर खिलता है.., शान से अंतिम यात्रा पर रवाना हुआ भारत मां का बेटा
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देश की सेवा करने का जज्बा लिए अजय कुमार विदा हो गए। अपने साथियों को इस देश का जिम्मा देकर अंतिम यात्रा पर निकल गए। मंगलवार सुबह शहीद अजय कुमार को छावनी स्थित मिलिट्री अस्पताल में सैन्य सम्मान के साथ विदाई दी गई। सेना के अधिकारियों ने पुष्प चक्र अर्पित किए। पश्चिम यूपी सब एरिया कमांडर मेजर जनरल पीके साई ने बैंड की धुन पर शहीद को सलामी दी।
मिलिट्री अस्पताल के कमांडेंट ब्रिगेडियर एससी गुप्ता और 18 गढ़वाल के कमान अधिकारी ने शहीद को पुष्प चक्र अर्पित किए। सोमवार देर रात पहुंचे अजय के पार्थिव शरीर को मिलिट्री अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया।
मंगलवार सुबह पार्थिव शरीर को फूलों से सजे सेना वाहन से पैतृक गांव बसा टीकरी के लिए ले जाया गया। सैन्य सम्मान के साथ पार्थिव शरीर को वाहन में रखा गया। गढ़वाल रेजीमेंट के सैनिकों ने कंधा देकर शहीद अजय के पार्थिव शरीर को भारत माता की जय के साथ रवाना किया।
सोमवार
सुबह 8:30 बजे अजय कुमार के शहीद होने की खबर आई
रात 9:30 बजे पार्थिव शरीर में आर्मी हॉस्पिटल में आया
मंगलवार
सुबह 8:15 बजे पार्थिव शरीर को लेकर हॉस्पिटल से गांव के लिए रवाना हुए सेना के जवान
सुबह 11:30 बजे बसा टीकरी गांव में पहुंचा शहीद का पार्थिव शरीर
सुबह 11:50 बजे घर से अंतिम यात्रा शुरू
दोपहर 12:40 बजे आईटीआई कॉलेज के मैदान में पहुंचा, सैन्य सम्मान के साथ दी गई मुखाग्नि