व्हिस्पर चॉइस और अमर उजाला की संयुक्त कार्यशाला ’सपनों की उड़ान’ में मासिक धर्म से जुड़ी भ्रांतियों और किशोरावस्था की दिक्कतों को लेकर छात्राओंं ने बेबाकी से सवाल पूछे। सीएमएस डॉ अमिता गर्ग ने कहा कि पीरियड्स को बीमारी नहीं समझे, नारी के स्वस्थ जीवन में यह प्राकृतिक प्रक्रिया है। मिसेज यूनिवर्स रही माया सिंह ने कहा कि बेटियां संकोच, झिझक छोड़े। मासिक धर्म पर अपनी मां से खुल कर बात करें। स्वच्छता और प्रबंधन से ही गंभीर रोगों से बचाव संभव है।
पीरियड्स की भ्रांतियां छोड़कर भरें 'सपनों की उड़ान', विज्ञान की नजर से शारीरिक क्रियाओं को समझें
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जानसठ रोड स्थित बैंक्वेट हॉल में व्हिस्पर चॉइस और अमर उजाला की ओर से आयोजित कार्यशाला का शुभारंभ दीप प्रज्वलन से हुआ। मुख्य अतिथि जिला महिला चिकित्सालय की सीएमएस डॉ अमिता गर्ग ने पीरियड्स के मुश्किल दिनों की समस्या पर उपयोगी सुझाव दिए। माहवारी की शुरुआत और स्वस्थ जीवन में उसकी उपयोगिता के संदर्भ में स्पष्ट किया। संकोच की वजह से मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता और अन्य सुरक्षा उपाय नहीं किए जाने पर बीमारी की चपेट में आ सकते है। संक्रमण फैलने से मृत्यु भी हो सकती है। सोच को सही दिशा में लगाएं और दकियानूसी बातें छोड़े। शिक्षित बेटियां विज्ञान की दृष्टि से शारीरिक क्रियाओं को समझें।
महिला थाना प्रभारी निरीक्षक मीनाक्षी शर्मा ने छात्राओं को निर्भीक जीने का हौसला दिया। उन्होंने कहा कि छेड़छाड़ के मामलों में डरे नहीं, विरोध करें। महिला सुरक्षा के कानूनों को जाने। घरेलू हिंसा से निपटने को भी सरकार ने सशक्त नियम बनाए हैं। महिला हेल्प लाइन 1090, डायल 100, डायल 181 पर कॉल कर पुलिस सहायता की जानकारी दी। शर्मा ने बताया कि विद्यालयों में प्रत्येक सोमवार छात्राओं को आत्मरक्षार्थ जूडो कराटे का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कार्यशाला में 12 स्कूलों की करीब 700 छात्राओं ने भागीदारी की। माहवारी को लेकर जागरूक बनने का संकल्प लिया। संचालन विचित्रा शर्मा ने किया।
पीरियड्स को लेकर अपराध बोध छोड़ें : माया सिंह
वर्ष 2014 में मिसेज यूनिवर्स और मिसेज एशिया पैसेफिक रह चुकी माया सिंह ने छात्राओं से हर सब्जेक्ट पर बेबाकी से बात करने का आह्वान किया। साथ ही कहा कि पीरियड्स को लेकर मां से अपनी समस्या साझा करें। मासिक धर्म कोई बीमारी नहीं है, फिर अपराध बोध कैसा? ईश्वर ने नारी की संरचना में जीवन की उत्पत्ति के लिए जो प्राकृतिक व्यवस्था की है, यह उसी का अहम हिस्सा है। रुढ़िवाद, कुरीतियों के कारण माहवारी को लेकर महिलाओं ने उत्पीड़न झेले है। माताएं अपनी बेटियों को सहेली मानें। उन्हें हर समस्या पर स्पष्ट राह दिखाएं। छात्राओं ने करियर संबंधित सवाल भी पूछे। व्हिस्पर कंपनी की मोनिका बेनीवाल ने व्हिस्पर अल्ट्रा चॉवइस पैड की उपयोगिता और गुणवत्ता पर चर्चा की। लाइव डेमो के द्वारा छात्राओं और उनकी माताओं को सही प्रयोग की तकनीक सिखाई।
खेलों से किया जागरूक, विजेता को गिफ्ट पैक
खेलों के माध्यम से छात्राओं को सेनेटरी नेपकिन की जरूरत और प्रयोग के प्रति जागरूक किया गया। रस्सा कूद, रस्साकशी खेलों में बेटियों और उनकी माताओं ने उत्साह से भाग लिया। लकी ड्रॉ में 10 कूपन से चुने गए विजेताओं को गिफ्ट और सर्टिफिकेट दिए गए। प्रतिभागियों को कंपनी द्वारा व्हिस्पर अल्ट्रा च्वावॅइस का सैंपल पैक भी भेंट किया गया।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/