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एशिया का सबसे बड़ा वाहन ‘कमेला’, यहां मिनटों में कट जाती हैं गाड़ियां

Sun, 07 Oct 2018 09:58 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Updated Sun, 07 Oct 2018 09:58 AM IST
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Asia largest market where stolen vehicles cuts in few minute
मेरठ न्यूज - फोटो : अमर उजाला

मेरठ के इस बाजार में तकरीबन आठ सौ दुकानें, सौ गोदाम और साढ़े तीन सौ से भी ज्यादा ठेकेदार सक्रिय हैं। सोतीगंज के नाम से मशहूर यह एशिया का सबसे बड़ा वाहनों का कटान बाजार है। यहां दस से बीस मिनट के भीतर महंगी से महंगी गाड़ी का पुर्जा-पुर्जा अलग किया जा सकता है। जी हां, जिन गाड़ियों को बनाने में कई माह का वक्त लग जाता है इस कमेले में वे गाड़ियां चंद मिनटों में गायब हो जाती हैं। आइए जानते हैं इस जगह से जुड़ी कुछ खास बातें:- 


 
Asia largest market where stolen vehicles cuts in few minute
मेरठ न्यूज - फोटो : अमर उजाला

जब भी देश में गाड़ियों के चोरी होने की खबरें आती हैं तो दूसरे राज्यों की पुलिस इस जगह का रुख जरूर करती हैं क्योंकि यही वह जगह है जहां सबसे ज्यादा सख्या में चोरी की गाड़ियों को बेचा जाता है। इसकी वजह साफ है कि यहां सबसे कम वक्त में गाड़ियां कट जाती हैं। यहां गाड़ी आते ही दस-पंद्रह मिस्त्री उस पर तेजी से टूट पड़ते हैं और पलक झपकते ही गाड़ी कबाड़ में बदल जाती हैं। इसके बाद एक एक पुर्जा गोदाम में बेचने के लिए सजा दिया जाता है। और आप यहा अंदाजा भी नहीं लगा सकते कि यहां कोई गाड़ी आई भी थी।

Asia largest market where stolen vehicles cuts in few minute
मेरठ न्यूज - फोटो : अमर उजाला

पुलिस के तमाम दावों के बावजूद सोतीगंज में वाहनों का ‘कमेला’ चल रहा है। तीन अलग-अलग दुकानों पर बाइक कटवाते कबाड़ियों को देखा गया। कई कबाड़ी दिनदहाडे़ बाइक काटते हैं। पुलिस इसको भी अनदेखा कर निकल जाती है। सवाल है कि बदनाम सोतीगंज के वाहन ‘कमेले’ पर पुलिस शिकंजा करने में फेल साबित क्यों हो रही है? जबकि सोतीगंज में रोजाना बाहरी जनपदों की पुलिस की दबिश आती है, जिससे मेरठ की छवि खराब होती है।  

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मेरठ न्यूज - फोटो : अमर उजाला

सोतीगंज में सरेआम चोरी के वाहन कैसे काटे जा रहे हैं? इसका जवाब किसी के पास नहीं। पुलिस सवालों के घेरे में है। लोगों में चर्चा है कि जब पुलिस सोतीगंज से पैसा लेगी तो चोरी के वाहन कटेंगे। दिनदहाडे़ वाहनों का कटान होता है तो कौन जिम्मेदार होगा। आखिर पुलिस कबाड़ियों पर शिकंजा क्यों नहीं कस पाती? 

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मेरठ न्यूज - फोटो : अमर उजाला

दिन में सोतीगंज में पुलिस का पहरा होता है। कबाड़ी चोरी के वाहन काटते रहते हैं और पुलिस वहां से गुजरती है। लोग कहते हैं कि यह पुलिस कबाड़ियों की सुरक्षा में लगी है। बाहरी जनपदों की पुलिस आने की जानकारी भी लोकल पुलिस कबाड़ियों को देती है, ताकि वह चोरी के वाहनों को अपने गोदाम से हटा लें।

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