समय सुबह करीब सवा नौ बजे। रंछाड़, जिवाना गुलियान और सिरसली गांव के किसान अपने खेतों में व्यस्त थे। एकाएक रंछाड़ गांव के ऊपर विमान डांवाडोल होते दिखा। विमान ने चक्कर लिया और जिवाना गुलियान गेट की तरफ मुड़ गया। किसान गड़बड़ी भांपकर खेतों से बाहर की ओर भागे लेकिन तब तक विमान का पैराशूट खुल चुका था। देखते ही देखते विमान जमीन की तरफ तेजी से आने लगा। कुछ ही ऊपर रहने पर पायलट खेतों में कूद गए और विमान धमाके के साथ खेत में धंस गया। हालांकि विमान में सवार सभी सदस्य सुरक्षित बच गए लेकिन ग्रामीणों के लिए यह हादसा एक अजूबा बन गया। देखें इस विमान हादसे के बाद की कुछ रोचक तस्वीरें:-
वायुसेना दिवस से पहले ही ध्वस्त हुआ 'गरूड़' , देखें विमान हादसे की 13 रोचक तस्वीरें
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विमान अगर आबादी के ऊपर गिरता तो हादसा हो सकता था। हादसे का शिकार हुआ माइक्रोलाइट विमान तीन साल पहले एयरफोर्स का हिस्सा बना था और इसे गरुड़ नाम दिया गया था। स्लोवेनियाई कंपनी पिपिस्टेल एयरक्राफ्ट से वायुसेना, नेवी और एनसीसी कैडेटों के प्रशिक्षण के लिए किया जाता है। रंछाड़ के किसान ओमप्रकाश बताते हैं कि जिस समय हादसा हुआ वह खेतों में कार्य कर रहे थे। अगर विमान पेड़ से नहीं टकराता तो यह सुरक्षित खेत में उतर सकता था। ऐसा लग रहा था, जैसे पायलट ईंख के खेत की बराबर में खाली पड़े खेत की तरफ इस विमान को ले जाने का प्रयास कर रहे थे। लेकिन यह हादसा हो गया।
एयरफोर्स ने शुरू की विमान क्रैश होने की जांच
किसान रवि तोमर का कहना है कि खेत में उन्हें धमाके की आवाज सुनाई दी। मौके पर पहुंचे तो विमान जमीन में धंसा हुआ था और पायलट उसके पास पहुंच गए थे। पांच मिनट बाद ही दूसरा टू सीटर हेलिकॉप्टर वहां पहुंचा और एक पायलट को लेकर चला गया। धमाके की आवाज जिसने भी सुनी वह मौके की ओर दौड़ा। विमान अगर आबादी के ऊपर गिरता तो हादसा हो सकता था। जिस खेत में विमान गिरा, उसमें कोई भी किसान नहीं था।
आग की तरह फैली सूचना पहुंच गए छह गांव के लोग
विमान रंछाड़ गांव के जंगल में जिवाना गेट के नजदीक क्रैश हुआ। जैसे ही विमान गिरा, इसके कुछ ही देर में यह सूचना आग की तरह लोगों के बीच फैल गई। सोशल मीडिया पर सूचना वायरल हुई तो आसपास के करीब छह गांव के सैकड़ों लोग मौके पर पहुंच गए। खेतों में काम कर रही महिलाओं के अलावा बच्चे भी मौके पर पहुंचे और एयरक्रॉफ्ट को देखा। मोबाइल के जरिये लोगों ने वीडियो बनाई और खूब फोटो शेयर किए।
युवाओं ने विमान हटवाने में की मदद
टू-सीटर माइक्रो एयरक्राफ्ट हादसे की एयरफोर्स ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है। एयरफोर्स के अधिकारियों ने मौके पर करीब एक घंटे तक पड़ताल और पायलट्स से पूछताछ की। खेतों की फोटो और वीडियोग्राफी कराई गई। एसपी शैलेश पांडेय का कहना है कि एयरफोर्स से जुड़ा मामला है और उन्हीं की टीमें जांच कर रही हैं। डीएम ऋषिरेंद्र कुमार ने बताया कि जांच में वायुसेना की तकनीकी टीमें और स्थानीय पुलिस प्रशासन सुरक्षा और टीम के सहयोग के लिए मौके पर गया था। मौके पर पहुंचा दूसरा हेलिकॉप्टर भी लोगों के लिए अजूबा बन गया। जितनी देर हेलिकॉप्टर खेत में रहा गांव वालों का जमकर फोटो सैशन चला।