शामली में अजय पाठक के परिवार की हत्या में केवल एक ही शख्स के शामिल होने पर सबसे ज्यादा सवाल उठ रहे हैं। वारदात में कई तथ्य हैं जो किसी दूसरे शख्स की मौजूदगी, साजिश या सहयोग की तरफ इशारा करते हैं।
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हिमांशु को आखिर किसने दिए साफ कपड़े
बताया जा रहा है कि वारदात को अंजाम देने के बाद उसी दिन दोपहर में हिमांशु पंजाबी कालोनी में आया था। तब उसने साफ कपड़े पहने थे, जबकि उसे खून से सने कपड़ों में गिरफ्तार किया गया। सवाल है कि उसे साफ कपड़े किसने उपलब्ध कराए।
किसकी बाइक पर कॉलोनी में आया था हत्यारोपी
चर्चा है कि वारदात के बाद दोपहर में हिमांशु किसी की बाइक से कालोनी में आया था। ये बाइक उस पर कहां से आई, किसकी थी बाइक। उसे बाइक देने या दिलाने वाला शख्स भी इस केस में किसी ना किसी तरह मदद कर रहा हो।
कहां खड़ी की कार
जब हिमांशु कालोनी में आया तो उस वक्त उसने अजय पाठक की कार जिसमें भागवत का शव भी था, वो कहां खड़ी की। जाहिर है कि वो कहीं लावारिस हालत में सड़क पर तो खड़ी करके नहीं आया होगा उसे जरूर किसी के यहां छिपाया होगा।
कहां गया पत्नी का पर्स और अजय की अंगूठियां
वारदात के बाद अजय के हाथ की सोने और नग वाली अंगूठियां, उनकी पत्नी का पर्स आदि गायब है, जो पुलिस को नहीं मिला। हो सकता है कि ये सब चीजें हिमांशु ने अपने किसी मददगार को दी हों।