कई सालों से चली आ रही मेरठ से हस्तिनापुर और बिजनौर तक रेलवे लाइन की मांग पूरी होने जा रही है। अब 63.5 किलोमीटर में बनाई जाने वाली रेल लाइन के लिए ट्रेन स्टॉपेज और नाम तय किए जाएंगे। इसके लिए जल्द फाइनल लोकेशन सर्वे शुरू होने जा रहा है। रेलमंत्री ने इस रेल लाइन को प्राथमिकता में लेते हुए कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं। जिससे जल्द रेल लाइन को बिछाने का कार्य किया जा सके।
खास खबर: जल्द तय होंगे मेरठ-हस्तिनापुर और बिजनौर के स्टॉपेज, 15 दिन में शुरू होगा खेल विवि का निर्माण
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30 साल से चल रही मांग
हर बार हस्तिनापुर तक रेल लाइन के लिए सरकारों ने आश्वासन दिया। कई बार रेल बजट के बाद पिंक बुक में रेल लाइन को शामिल किया गया। लेकिन इस पर कार्य आगे नहीं बढ़ पाया था। साल 2014 के बाद एक बार सर्वे कराया गया। इसमें माइनस रेट ऑफ रेशो बताते हुए रेल लाइन का निर्माण टाल दिया गया। अब एक बार फिर उम्मीद बढ़ गई है। इस बार रेलवे ने फाइनल लोकेशन सर्वे शुरू करने की घोषणा की है।
रिकॉर्ड समय में सर्वे को मंजूरी
रेलवे मंत्रालय ने महज दो दिनों के रिकॉर्ड समय में फाइनल लोकेशन सर्वे को मंजूरी दी है। इस सर्वे में कुल किलोमीटर के बीच में बनाए जाने वाले स्टेशनों की दूरी, ब्रिज आदि पर फाइनल मानचित्र तैयार किया जाएगा। इस रेल लाइन के साथ देवबंद-रुडकी रेलवे लाइन की मांग भी की गई थी लेकिन इस रेलवे लाइन का निर्माण शुरू हो चुका है। वहीं, मेरठ-हस्तिनापुर-बिजनौर रेलवे लाइन पीछे छूट गई थी।
15 दिन में शुरू होगा खेल विवि का निर्माण
प्रदेश के पहले खेल विवि का निर्माण अगले 15 दिन में शुरू हो जाएगा। समीक्षा बैठक में जनप्रतिनिधियों के सवाल करने पर मुख्यमंत्री ने जवाब दिया। सरधना के सलावा में मेजर ध्यानचंद खेल विवि का निर्माण मुख्यमंत्री की प्राथमिकता में हैं। मेरठ आने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्र, प्रमुख सचिव लोक निर्माण नरेंद्र भूषण के साथ खेल विवि के मानचित्र की समीक्षा की थी। इस खेल विवि को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाया जाएगा। अमर उजाला ने अपने 24 अगस्त के अंक में खेल विवि के लिए 20 दिन में कंपनी तय होने की खबर प्रकाशित की थी।
700 करोड़ रुपये की लागत से बनाए जाने वाले खेल विवि में आउटडोर, इनडोर स्टेडियम बनाए जाएंगे। इसके लिए अलग से मानचित्र तैयार कराए जाएंगे। 91 एकड़ जमीन पर बनाए जाने वाले खेल विवि की जमीन के अध्ययन के लिए आईआईटी रुड़की के इंजीनियर को जिम्मेदारी दी गई है। नहर करीब होने के कारण खेल विवि की जमीन का सिविल निर्माण से पहले अध्ययन जरूरी है।