अमरोहा में न्यायिक कर्मचारी राशिद हुसैन को कार से बाहर खींचकर पीटकर मार देने वालों पर पुलिस का कोई खौफ नहीं था। यह बात मौका-ए-वारदात को बारीकी से देखने और घटना के चश्मदीद राशिद के भतीजे सलमान द्वारा बताई गई आपबीती से साबित हो रही है। गलत दिशा से निकाले जा रहे दोपहिया वाहन के कार से छू जाने भर पर आपा खोए लोगों ने शुरुआती कहासुनी के बाद तीन किलोमीटर तक कार का पीछा किया।
UP: पुलिस का नहीं था कोई खौफ...तीन किमी पीछा कर घेरी थी राशिद की कार; न्यायिक कर्मी हत्याकांड में खुलासा
न्यायिक कर्मचारी राशिद हुसैन की हत्या मामूली सड़क हादसे से शुरू हुई थी। राशिद ने विवाद टालते हुए आगे बढ़ना चाहा लेकिन हमलावरों ने करीब तीन किलोमीटर तक कार का पीछा किया। इसके बाद जमकर मारपीट की। इसमें उनकी जान चली गई।
तभी गलत दिशा से निकाला जा रहा दोपहिया वाहन उनकी कार से छू गया। उस पर सवार लोग नीचे गिर गए। दोपहिया वाहन गलत दिशा से निकालने की कोशिश के बाद भी राशिद ने दूसरे पक्ष पर कोई नाराजगी नहीं जताई। उल्टे कार रोककर नीचे गिरे लोगों तक गए और उनका हाल जाना।
जब दोपहिया सवार उनसे झगड़ने के साथ रिश्तेदारों को फोन करने लगे तो राशिद ने बिना उलझे पत्नी व छोटे बच्चे साथ होने के कारण कार से आगे का सफर शुरू कर दिया। वह जोया में संभल चौराहे से मुड़कर मुरादाबाद की ओर जाने वाली सर्विस रोड पर पहुंचे ही थे कि पीछा करते कई दोपहिया वाहनों ने उनकी कार घेर ली।
इसके बाद उन्हें बीवी-बच्चों के सामने पीट-पीटकर मार डाला। हुसैनपुर की पुलिया से जोया में संभल चौराहे तक का वारदात स्थल लगभग तीन किलोमीटर दूर है। वाकये पर हैरत जताने वाला हर शख्स यही कह रहा है कि तीन किलोमीटर पीछा करके कार को घेरना और सरेआम धावा बोलना बता रहा है कि हमलावरों को पुलिस का कोई डर नहीं था। घटनास्थल जोया चौकी और डिडौली थाने के बीच होने के बाद भी हमलावर पूरे तेवर के साथ सुरक्षित लौट जाने में कामयाब रहे।
न्यायिक कर्मचारी राशिद हुसैन की हत्या के बाद मंगलवार को भी परिवार के लोग गम में डूबे रहे। पत्नी रुखसार और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। कुछ अधिवक्ता समेत बढ़ी संख्या में लोग राशिद हुसैन के घर पहुंचे और सांत्वना दी। परिवार के लोगों का ढांढ़स बंधाया।
तय स्थानों पर नहीं थी पुलिस
स्थानीय लोगों के मुताबिक जिस जगह राशिद हुसैन की पीटकर हत्या की गई वहां से करीब सौ मीटर दूर संभल चौराहा ओवरब्रिज के नीचे पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं। पुलिस की हाईवे पर भी अलग-अलग जगह चार गाड़ियां रहती हैं। रविवार को मुख्य सड़क पर दिनदहाड़े खुलेआम गुंडई का वाकया लगभग आधे घंटे चला लेकिन पुलिस तय स्थानों पर न होने से मौके तक नहीं पहुंच सकी। लोगों से सूचना मिलने पर करीब 10 मिनट में पुलिस पहुंच गई थी।
राशिद हुसैन की हत्या के बाद शहर के लोगों में भी गुस्सा
न्यायिक कर्मी राशिद हुसैन की हत्या को लेकर शहर के लोगों में भी आक्रोश है। राशिद हुसैन बेहद मिलनसार थे। मंगलवार को यूथ क्रिकेट क्लब की ओर से शोक सभा आयोजित की गई। इस दौरान वक्ताओं ने हत्या को लेकर नाराजगी जताई और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।