सीएम योगी आदित्यनाथ ने मुजफ्फरनगर में आयोजित जनसभा के दौरान बड़ा एलान करते हुए कहा कि अब मुजफ्फरनगर को नगर निगम बनाने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि शहर का तेजी से विस्तार और विकास हुआ है, इसलिए इसे नगर निगम का दर्जा देने के लिए प्रस्ताव भेजा जाना चाहिए।
CM Yogi Rally: मुख्यमंत्री योगी का बड़ा एलान, नगर निगम बने मुजफ्फरनगर, बोले- प्रस्ताव भेजें मंत्री कपिल देव
मुजफ्फरनगर की जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा एलान करते हुए शहर को नगर निगम बनाने की बात कही और मंत्री कपिल देव से प्रस्ताव भेजने को कहा। साथ ही 951 करोड़ की परियोजनाओं और रोजगार मेले का जिक्र किया।
951 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण
मुख्यमंत्री ने जनसभा के दौरान करीब 951 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। साथ ही रोजगार मेले के जरिए युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की बात कही। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर देना और प्रदेश में विकास की गति को और तेज करना है।
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महापुरुषों को जाति के दायरे में न बांधें
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महापुरुषों को जातियों के तंग दायरे में नहीं बांधा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब समाज बंटता है तो नुकसान भी उसी का होता है। उन्होंने बताया कि 16 से 18 अप्रैल के बीच संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर चर्चा होगी। साथ ही अंतरराष्ट्रीय मुद्दों का जिक्र करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में संघर्ष की स्थिति है और पाकिस्तान में हालात खराब हैं, जबकि भारत में नरेंद्र के नेतृत्व में पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों को नियंत्रण में रखने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि मुजफ्फरनगर की धरती पर नवाचार की भी अच्छी परंपरा रही है। यहां के एक किसान नेता ने ईंधन की कमी को देखते हुए अपनी जिम्मेदारी समझी और गोबर गैस प्लांट के माध्यम से ईंधन की आपूर्ति शुरू की। यह किसानों की सोच और नवाचार का उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि मुजफ्फरनगर का गुड़ पूरे देश में प्रसिद्ध है। यहां का गुड़ देखकर ही लोगों के मुंह में पानी आ जाता है। यह सब किसानों की मेहनत और उनके परिश्रम का परिणाम है, जो गन्ने की खेती के माध्यम से खेतों में मिठास पैदा करते हैं।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2002 से 2017 तक के 17 वर्षों में किसानों को कुल 2 लाख 14 हजार करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य भुगतान किया गया था, जबकि उनकी सरकार ने केवल नौ वर्षों में ही 3 लाख 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक का गन्ना मूल्य भुगतान किसानों को किया है। यानी आधे समय में करीब 1 लाख 2 हजार करोड़ रुपये अधिक भुगतान किया गया है।
शुकतीर्थ की पौराणिक विरासत का भी किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में शुकतीर्थ की पौराणिक और आध्यात्मिक विरासत का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह भूमि महर्षि शुकदेव की तपस्थली रही है, जहां उन्होंने राजा परिक्षित को जीवन के सत्य और मोक्ष का मार्ग बताया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शुकतीर्थ आज भी भागवत तीर्थ के रूप में श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणा का केंद्र बना हुआ है।