सेवानिवृत रेलकर्मी के बेटे को अगवा करने की साजिश क्रिकेट की पिच पर रची गई थी। क्रिकेट खेलने के दौरान गेंद दिलाने के बहाने से आरोपी उसे बाइक पर बैठाकर भागे थे। घटना का मास्टरमाइंड शिवपूजन अभी पुलिस के हाथ नहीं लगा है। 16 घंटे के भीतर पुलिस ने मुठभेड़ में दो बदमाशों को दबोचने के साथ ही अपहृत छात्र को सकुशल बरामद कर लिया।
प्रतापगढ़ः क्रिकेट की पिच पर छात्र को अगवा करने की रची गई थी साजिश
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मास्टरमाइंड शिवपूजन ने ट्रक के खलासी अनिरुद्ध के साथ मिलकर नीतेश को अगवाकर उसके पिता से रुपये ऐंठने की योजना तैयार की थी। वहीं शिवपूजन डीजे पर काम करता है। घटना को अंजाम देने के लिए रीतिक को भी तैयार कर लिया गया। रविवार को मौका मिलते ही करीब 12 बजे नीतेश को गेंद दिलाने का बहाना बनाकर आरोपी बाइक पर बैठाकर चल दिए। अनिरुद्ध ने चोरी के मोबाइल से रामसुंदर को फोन कर 10 लाख रुपये फिरौती देने को कहा।
इस बीच उसे शिवपूजन अपनी रिश्तेदारी पट्टी के महदहा गांव ले गया। वहां सूनसान स्थान पर स्थित पंपिगसेट पर एक कमरे में नीतेश को बंद कर दिया था। बाद में उसे लेकर गजेहड़ा जंगल पहुंचे। छात्र को लेकर अनिरुद्ध व कल्लू अंतू की ओर जा रहे थे। पुलिस से बचने के लिए शिवपूजन ने रीतिक के साथ अपना रास्ता बदल दिया था। हालांकि पुलिस घेराबंदी कर रातभर दबिश देती रही। जिसके चलते आरोपियों को जिले की सीमा से बाहर भागने का मौका नहीं मिल सका। छात्र को अगवा करने के 16 घंटे बाद पुलिस ने सोमवार भोर में करीब साढ़े चार बजे अपहर्ताओं से मुठभेड़ के बाद छात्र को सकुशल बरामद कर लिया।
छात्र की हत्या करने की कर रखी थी तैयारी
अपहृत छात्र नीतेश पिता से रंगदारी मांगने वाले सभी आरोपियों को पहचानता था। पुलिस की पूछताछ में भी यह बात सामने आई कि आरोपियों ने नीतेश की हत्या करने की प्लानिंग बना रखी थी। ऐसे में पुलिस ने चतुराई दिखाई। गांव में पुलिस व परिवार के लोगों पर नजर रखने वाले बदमाशों को कार्रवाई की भनक नहीं लगने दी। पुलिस गुपचुप तरीके से दबिश देने के साथ ही जो भी मिला उसका मोबाइल अपने कब्जे में लेती रही। ऐसे में आरोपियों को एक दूसरे से बात करने का मौका नहीं मिल सका।