जिले में श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से मजदूरों के आने का सिलसिला जारी है। सोमवार की रात और मंगलवार को सात श्रमिक ट्रेनों से लगभग छह हजार प्रवासी मजदूर मुंबई और चंडीगढ़ से प्रतापगढ़ पहुंचे। इसमें जिले के 1250 लोग शामिल थे। जनपद के श्रमिकों को आश्रय स्थल भुपियामऊ भेजकर जांच कराई गई, जबकि गैर जनपद के लोगों को रोडवेज की बसों से भेजा गया।
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- फोटो : pratapgarh
जिले में प्रवासी मजदूरों के आने का सिलसिला जारी है। सोमवार की रात पांच और मंगलवार को दिन में दो ट्रेनों से लगभग छह हजार लोग आए हैं। इनमें बेल्हा के 1250 लोग शामिल हैं। बेल्हा के लोगों को भुपियामऊ स्थित आश्रय स्थल पर जांच कर तहसीलों में बने आश्रय स्थल में क्वारंटीन करने के लिए भेजा गया।
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जबकि गैर जनपद के लोगों की स्टेशन पर थर्मल स्क्रीनिंग के बाद रोडवेज की बसों से रवाना किया गया। रेलवे स्टेशन पर एसडीएम सदर मोहनलाल गुप्ता, तहसीलदार मनीष कुमार सहित बड़ी संख्या में फोर्स के जवान मौजूद रहे।
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स्टेशन पर पहुंचने वाले मजदूरों को लंच पैकेट और पानी की बोतलें दी गईं। स्टेशन पर जैसे-जैसे ट्रेन आती र्गइं, वैसे-वैसे मजदूरों को उनके घर भेजने का सिलसिला जारी रहा।
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प्रवासी मजदूरों के साथ आने वाले बच्चों को बच्चा बैंक ने फल और बिस्किट वितरित किया। बच्चों को रेलवे स्टेशन पर फल, नमकीन, चिप्स मिलने पर उनकी खुशी का ठिकाना नहीं था। बच्चा बैंक के संचालक राजेश कुमार ने बताया कि 289 बच्चों को फल और नमकीन दिया गया है। आरपीएफ इंस्पेक्टर शैलेंद्र कुमार ने बच्चा बैंक के प्रयास की सराहना की है।