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तस्वीरें: कुख्यात काला के गांव में पसरा सन्नाटा, मुकीम ने खादर को छोड़ कश्मीर की वादियों में बनाया था नया ठिकाना

Sat, 15 May 2021 05:12 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शामली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शामली Published by: कपिल kapil Updated Sat, 15 May 2021 05:12 PM IST
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Chitrakoot Jail Kand: There is silence in village of criminal Mukeem Kala of Shamli and see photos
खंडहर पड़ा मुकीम काला का घर। - फोटो : amar ujala

कुख्यात अपराधी मुकीम काला की चित्रकुट में गैंगवार में हत्या की खबर मिलने के बाद उसके गांव जहानपुरा में सन्नाटा पसरा है। मुकीम काला का घर कई साल पहले खंडहर में तब्दील हो गया था। उस घर में वहां अब कोई नहीं रहता। 



शुक्रवार को चित्रकूट की जेल में गैंगवार में मुकीम काला की हत्या की खबर मिलते ही उसके गांव जहानपुरा में सन्नाटा पसर गया। कुछ ग्रामीण आपस में मुकीम के मारे जाने की चर्चा तो करते रहे, लेकिन उसके बारे में कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं हुआ। मुकीम काला का घर खंडहर बना हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि कई साल से मुकीम का परिवार गांव में नहीं रहता। जहानपुरा निवासी कुख्यात मुकीम काला का पिता मुस्तकीम मजदूरी करता था। मुस्तकीम के चार बेटे थे, जिसमें सबसे बड़ा मुकीम काला जरायम की दुनिया का बेताज बादशाह बन गया था। उससे छोटा बेटा वसीम भी अपने भाई के खौफ के नाम से अपराध करने लगा था। 28 सितंबर 2017 को मेरठ एसटीएफ ने कंकरखेड़ा में मुठभेड़ में 50 हजार के इनामी वसीम को मार गिराया था। मुकीम का पिता मुस्तकीम भी कई बार रंगदारी और अवैध हथियारों के आरोप में जेल जा चुका है। करीब तीन माह पहले मुस्तकीम अपनी जमानत तुड़वाकर वापस सहारनपुर जेल चला गया। मुकीम की मां मीना और दो छोटे भाई 20 वर्षीय आजम और 14 वर्षीय बिलाल का कोई पता नहीं है। मुकीम के दोनों चाचा भी गांव छोड़कर कहीं और चले गए हैं।

मुखबिरी का जरा-सा भी शक होने पर कर देता था हत्या 

Chitrakoot Jail Kand: There is silence in village of criminal Mukeem Kala of Shamli and see photos
खंडहर पड़ा मुकीम काला का घर। - फोटो : amar ujala

मुखबिरी का जरा सा भी शक होने पर मुकीम काला हत्या कर देता था। इस डर के कारण कोई उसके गिरोह की मुखबिरी नहीं कर पाता था। जिस कारण 2015 से पहले मुकीम गिरोह पुलिस के लिए सिरदर्द बना था। 

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खंडहर पड़ा मुकीम काला का घर। - फोटो : amar ujala

25 फरवरी 2015 को मुकीम गिरोह का शार्प शूटर महताब काना निवासी बलवा पानीपत में अपनी प्रेमिका से मिलने गया, तो पानीपत सीआईए फर्स्ट ने महताब को गिरफ्तार कर लिया। इसके एक दिन बाद ही महताब की निशानदेही पर पानीपत पुलिस और दिल्ली स्पेशल टास्क फोर्स ने दिल्ली से ही मुकीम के साथी सादर तीतरो व अनिल दुजाना गिरोह के बदमाश को पकड़ लिया था। तीनों बदमाश पुलिस के कब्जे में आने के बाद पुलिस ने पूछताछ में मुकीम व उसके ठिकानों के बारे में जानकारी की। इसके बाद पुलिस ने मुकीम गिरोह के ठिकानों पर दबिश देने लगी। यहीं से मुकीम गिरोह के बदमाशों के पकड़े जाने का सिलसिला शुरू हुआ था।

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Chitrakoot Jail Kand: There is silence in village of criminal Mukeem Kala of Shamli and see photos
मुकीम काला और चित्रकूट जेल का फाइल फोटो - फोटो : amar ujala

खादर को छोड़ कश्मीर की वादियों में बनाया ठिकाना
फरवरी 2015 में पानीपत और दिल्ली में मुकीम गिरोह के महताब काना, सादर तीतरो के पकड़े जाने के बाद पुलिस ताबड़तोड़ खादर क्षेत्र में मुकीम के ठिकानों पर दबिश देने लगी थी। तब मुकीम और साबिर जंधेड़ी अपनी प्रेमिकाओं के साथ पुलिस से बचने के लिए कश्मीर चले गए थे। 

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चित्रकूट जेल। - फोटो : amar ujala

2015 में ही जब दोनों बदमाश अपनी प्रेमिकाओं के साथ कश्मीर से वापस आ रहे थे, तो सटीक सूचना पर तत्कालीन एसपी विजय भूषण और करनाल पुलिस ने इनको पकड़ने का प्लान बनाया। मगर करनाल टोल प्लाजा के पास मुकीम को भनक लग गई और उसने अपनी गाड़ी कच्चे रास्ते पर मोड़ दी और फरार हो गया था। पुलिस ने मुकीम व साबिर की प्रेमिकाओं को गिरफ्तार कर लिया था, जिनके पास से सहारनपुर में तनिष्क शोरूम में पुलिस की वर्दी में डाली गई डकैती के लाखों रुपये के जेवर मिले थे।

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