शामली के कैराना में गंगा दशहरा के पावन पर्व पर सोमवार को कैराना स्थित यमुना तट पर श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। हरियाणा और उत्तर प्रदेश से पहुंचे लाखों श्रद्धालुओं ने यमुना नदी में स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया। सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा और पूरे दिन यमुना घाट धार्मिक गतिविधियों से गुलजार रहे।
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गंगा दशहरा: यमुना तट पर उमड़ा आस्था का सैलाब, लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी, गूंजे धार्मिक जयकारे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शामली
Published by: Dimple Sirohi
Updated Mon, 25 May 2026 02:00 PM IST
सार
गंगा दशहरा के अवसर पर कैराना स्थित यमुना तट पर हरियाणा और उत्तर प्रदेश के लाखों श्रद्धालुओं ने स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया। श्रद्धालुओं ने यमुना मैया का पूजन कर दान-पुण्य भी किया।
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यमुना में स्नान करते श्रद्धालु
- फोटो : अमर उजाला
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यमुना में स्नान करते श्रद्धालु
- फोटो : अमर उजाला
ब्रह्म मुहूर्त से शुरू हुआ स्नान का सिलसिला
गंगा दशहरा के अवसर पर सुबह पांच बजे से ही श्रद्धालुओं का यमुना तट पर पहुंचना शुरू हो गया था। श्रद्धालुओं ने यमुना नदी में आस्था की डुबकी लगाई और पवित्र जल में खड़े होकर भगवान सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया। धार्मिक मान्यता के अनुसार गंगा दशहरा के दिन मां गंगा का पृथ्वी पर अवतरण हुआ था। इसी कारण इस दिन नदी स्नान और दान-पुण्य का विशेष महत्व माना जाता है।
गंगा दशहरा के अवसर पर सुबह पांच बजे से ही श्रद्धालुओं का यमुना तट पर पहुंचना शुरू हो गया था। श्रद्धालुओं ने यमुना नदी में आस्था की डुबकी लगाई और पवित्र जल में खड़े होकर भगवान सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया। धार्मिक मान्यता के अनुसार गंगा दशहरा के दिन मां गंगा का पृथ्वी पर अवतरण हुआ था। इसी कारण इस दिन नदी स्नान और दान-पुण्य का विशेष महत्व माना जाता है।
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यमुना में स्नान करते श्रद्धालु
- फोटो : अमर उजाला
यमुना मैया का पूजन कर मांगी सुख-समृद्धि
स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने यमुना मैया की पूजा-अर्चना की तथा पुष्प और अन्य पूजन सामग्री अर्पित की। महिला श्रद्धालुओं ने भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी तथा भगवान शंकर-पार्वती की विधि-विधान से पूजा कर परिवार की सुख-समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना की। घाटों पर धार्मिक अनुष्ठानों और भजन-कीर्तन का माहौल बना रहा। श्रद्धालुओं ने पूरे श्रद्धाभाव से पूजा-पाठ कर पर्व का महत्व आत्मसात किया।
स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने यमुना मैया की पूजा-अर्चना की तथा पुष्प और अन्य पूजन सामग्री अर्पित की। महिला श्रद्धालुओं ने भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी तथा भगवान शंकर-पार्वती की विधि-विधान से पूजा कर परिवार की सुख-समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना की। घाटों पर धार्मिक अनुष्ठानों और भजन-कीर्तन का माहौल बना रहा। श्रद्धालुओं ने पूरे श्रद्धाभाव से पूजा-पाठ कर पर्व का महत्व आत्मसात किया।
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यमुना में स्नान करते श्रद्धालु
- फोटो : अमर उजाला
दान-पुण्य कर अर्जित किया पुण्य
गंगा दशहरा के अवसर पर श्रद्धालुओं ने दान-पुण्य भी किया। अनेक लोगों ने ब्राह्मणों को वस्त्र, मिष्ठान और दक्षिणा भेंट कर धार्मिक परंपराओं का निर्वहन किया। पूरे दिन घाटों पर धार्मिक आस्था और सेवा का वातावरण बना रहा।
गंगा दशहरा के अवसर पर श्रद्धालुओं ने दान-पुण्य भी किया। अनेक लोगों ने ब्राह्मणों को वस्त्र, मिष्ठान और दक्षिणा भेंट कर धार्मिक परंपराओं का निर्वहन किया। पूरे दिन घाटों पर धार्मिक आस्था और सेवा का वातावरण बना रहा।
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यमुना में स्नान करते श्रद्धालु
- फोटो : अमर उजाला
सुरक्षा व्यवस्था रही चौकस
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए यमुना तट पर सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए गए थे। किसी भी अप्रिय घटना से बचाव के लिए निजी गोताखोरों के साथ-साथ प्रांतीय सशस्त्र बल की बाढ़ राहत इकाई भी तैनात रही। प्रशासन और सुरक्षा कर्मी लगातार घाटों पर निगरानी बनाए हुए थे, जिससे श्रद्धालु सुरक्षित वातावरण में स्नान और पूजन कर सकें।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए यमुना तट पर सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए गए थे। किसी भी अप्रिय घटना से बचाव के लिए निजी गोताखोरों के साथ-साथ प्रांतीय सशस्त्र बल की बाढ़ राहत इकाई भी तैनात रही। प्रशासन और सुरक्षा कर्मी लगातार घाटों पर निगरानी बनाए हुए थे, जिससे श्रद्धालु सुरक्षित वातावरण में स्नान और पूजन कर सकें।