शामली में दोहरे हत्याकांड के बाद पीड़ित परिवार का रो-रोकर बरा हाल है। वहीं रोते हुए मां ने कहा कि मेरा तो सब कुछ ही लूट गया है। उन्होंने कहा कि मेरा बेटा और पौता इकलौता था। उधर, वारदात को अंजाम देने के बाद फरार हुए यूपी पुलिस के सिपाही विक्रांत और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसएसपी ने तीन टीम लगाई हैं। विक्रांत की तैनाती फिलहाल नोएडा पुलिस लाइन में बताई जा रही है।
सिपाही का खौफनाक कारनामा: बदहवास थी मां, बोली मेरा तो सब कुछ ही उजड़ गया, दर्दनाक है पिता-पुत्र की हत्या की कहानी
हत्या के पीछे सिपाही के छोटे भाई को सेना में भर्ती कराने के नाम पर लिए 5.80 लाख रुपये के विवाद की वजह बताया गया था। मूलरूप से मेरठ के गांव छुर निवासी भूपेंद्र न्यू सैनिक कॉलोनी कंकरखेड़ा मेरठ में रह रहे थे। आरोपी सिपाही विक्रांत भी भूपेंद्र के पड़ोस में ही रहता है और गांव मखमूलपुर शामली का रहने वाला है।
विक्रांत की धमकी से दहशत में था भूपेंद्र
विक्रांत तीन बार भूपेंद्र के घर पर आकर धमकी दे चुका था। वह कहता था कि अगर रुपये नहीं लौटाए तो वह उसके पूरे परिवार का खात्मा कर देगा। इससे भूपेंद्र और उसका परिवार दहशत में था। मामला बिगड़ सकता है, इसको लेकर भूपेंद्र और उसकी मां सुरेंद्र मंगलवार को 50 हजार रुपये लेकर विक्रांत के घर पहुंचे थे।
मेरा एक ही बेटा और एक ही पौता था
बेटे और पौते की हत्या के बाद सुरेश देवी बदहवास थी। उनका कहना था कि मेरा एक ही बेटा और एक ही पौता था। मेरी तो जिंदगी ही उजड़ गई। हम रुपये वापस लौटाना चाहते थे। तभी खुद कुछ रुपये लेकर यहां आए थे। बाकी रुपये कुछ दिन बाद देने की बात कही थी, लेकिन आरोपियों ने मेरे बेटे और पौते की हत्या कर दी। बताया गया कि भूपेंद्र की एक शगुन नाम की बेटी है। जिसकी उम्र 15 वर्ष है।
15 साल पहले कंकरखेड़ा में आकर बसे भूपेंद्र
छुर गांव के ग्रामीणों ने बताया है कि भूपेंद्र करीब 15 वर्ष पूर्व गांव के घर को बेचने के बाद परिवार सहित कंकरखेड़ा के सैनिक विहार कॉलोनी में रहने लगा था। भूपेंद्र का गांव में अक्सर आना-जाना था। अबकी बार भूपेंद्र परिवार के साथ होली और दिवाली पर गांव नहीं गए थे। भूपेंद्र व उनके बेटे की हत्या की जानकारी पर ग्रामीणों में खलबली मच गई।