कोरोना संक्रमण के चलते 20 मार्च से बंद चल रहा आदिशक्ति मां विंध्यवासिनी माता का दरबार सोमवार से आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया। 101 दिन बाद आम श्रद्धालुओं के लिए पट खुलते ही पूरा क्षेत्र देवी के जयकारों से गूंज उठा।
सोमवार की सुबह मंगला आरती के बाद आम श्रद्धालुओं को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए मां के गर्भ गृह में प्रवेश दिया जा रहा है। थर्मल स्कैनिंग एवं सैनिटाइज करने के बाद ही गर्भ गृह में जाने की अनुमति दी जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से श्री विन्ध्य पंडा समाज के पदाधिकारी एवं पुलिस प्रशासन के लोग तैनात किए गए हैं। श्रद्धालुओं का आवागमन शुरू हो चुका है। जिससे विंध्य धाम की गलियां अब फिर से गुलजार हो गई हैं।
कोरोना के चलते तीन महीने से भी ज्यादा समय से बंद चल रहे मां विंध्यवासिनी का दरबार रविवार को दोपहर की आरती के बाद 1:30 बजे खोल दिया था। पहले दिन पंडा समाज ने दर्शन-पूजन किया था। इस दौरान नगर विधायक रत्नाकर मिश्रा, श्री विंध्य पंडा समाज के अध्यक्ष पंकज द्विवेदी, मंत्री भानु पाठक, नगर मजिस्ट्रेट जगदंबा सिंह व कार्यकारिणी के सभी 19 सदस्य मौजूद रहे। विंध्य पंडा समाज की ओर से शनिवार से 24 घंटे के अखंड कीर्तन का आयोजन किया गया था।
दरअसल, कोरोना संक्रमण को देखते हुए लगातार 20 मार्च से मंदिर बंद चल रहा था। 100 दिन बाद विंध्य वासियों के लिए रविवार को मंदिर के पट खोल दिए थे। इसके बाद स्थानीय लोग दर्शन पूजन करने लगे। आज मंगला आरती के बाद मंदिर के पट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए।