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Mohali News: लक्समबर्ग का वर्क वीजा दिलाने का झांसा देकर 1.30 लाख हड़पे, मामला दर्ज
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मोहाली। विदेश भेजने के नाम पर ठगी का एक और मामला सामने आया है। इसमें लुधियाना निवासी एक व्यक्ति से लक्समबर्ग का वर्क वीजा दिलाने का झांसा देकर 1.30 लाख रुपये हड़प लिए। शिकायत के बाद थाना फेज-1 पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता जसविंदर सिंह ने एसएसपी को दी शिकायत में बताया कि उसने सोशल मीडिया पर विज्ञापन देखकर ‘ब्राइट स्टोन माइग्रेशन कंसल्टेंट’ नामक एजेंसी से संपर्क किया था।
एजेंसी के संचालक तजिंदर सिंह और उसकी सहयोगी ज्योत्सना ने उसे लक्समबर्ग में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया और कुल खर्च तीन लाख रुपये बताया। आरोप है कि आरोपियों ने मेडिकल, ऑफर लेटर और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर अलग-अलग किश्तों में पैसे वसूले। जसविंदर सिंह से ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और नकद मिलाकर करीब 1.30 लाख रुपये लिए गए। भरोसा जीतने के लिए एग्रीमेंट भी कराया गया और सिक्योरिटी के तौर पर एक लाख रुपये का चेक भी लिया गया।
शिकायतकर्ता के अनुसार, शुरू में वर्क वीजा का वादा किया गया, लेकिन बाद में टूरिस्ट वीजा पर भेजने की बात कहकर और पैसे मांगे गए। 6 जून 2025 को बायोमेट्रिक के लिए बुलाया गया, लेकिन जब वह कार्यालय पहुंचा तो वहां ताला लगा मिला। इसके बाद आरोपियों ने न तो कोई संतोषजनक जवाब दिया और न ही पैसे वापस किए। मामले की जांच एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट द्वारा की गई, जिसमें आरोप सही पाए गए। जांच में सामने आया कि यह पूरी साजिश के तहत की गई ठगी थी। दस्तावेजों और बैंक लेनदेन की जांच में भी पुष्टि हुई कि शिकायतकर्ता से रकम ली गई थी। एसएसपी के आदेश पर तजिंदर सिंह और ज्योत्सना के खिलाफ धोखाधड़ी और इमिग्रेशन एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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एजेंसी के संचालक तजिंदर सिंह और उसकी सहयोगी ज्योत्सना ने उसे लक्समबर्ग में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया और कुल खर्च तीन लाख रुपये बताया। आरोप है कि आरोपियों ने मेडिकल, ऑफर लेटर और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर अलग-अलग किश्तों में पैसे वसूले। जसविंदर सिंह से ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और नकद मिलाकर करीब 1.30 लाख रुपये लिए गए। भरोसा जीतने के लिए एग्रीमेंट भी कराया गया और सिक्योरिटी के तौर पर एक लाख रुपये का चेक भी लिया गया।
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शिकायतकर्ता के अनुसार, शुरू में वर्क वीजा का वादा किया गया, लेकिन बाद में टूरिस्ट वीजा पर भेजने की बात कहकर और पैसे मांगे गए। 6 जून 2025 को बायोमेट्रिक के लिए बुलाया गया, लेकिन जब वह कार्यालय पहुंचा तो वहां ताला लगा मिला। इसके बाद आरोपियों ने न तो कोई संतोषजनक जवाब दिया और न ही पैसे वापस किए। मामले की जांच एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट द्वारा की गई, जिसमें आरोप सही पाए गए। जांच में सामने आया कि यह पूरी साजिश के तहत की गई ठगी थी। दस्तावेजों और बैंक लेनदेन की जांच में भी पुष्टि हुई कि शिकायतकर्ता से रकम ली गई थी। एसएसपी के आदेश पर तजिंदर सिंह और ज्योत्सना के खिलाफ धोखाधड़ी और इमिग्रेशन एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।