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Mohali News: बजट की प्रतियां जलाकर किसानों-मजदूरों ने किया प्रदर्शन
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जीरकपुर। पंजाब सरकार के हालिया बजट के विरोध में शुक्रवार को जीरकपुर में किसानों, मजदूरों, कर्मचारियों और पेंशनर संगठनों ने संयुक्त रूप से रोष प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने बजट की प्रतियां जलाकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और इसे आम लोगों के हितों के खिलाफ बताया। प्रदर्शन के दौरान नेताओं एकम सिद्धू, अमनिंदर सिंह और राजिंदर कुमार ने कहा कि पंजाब सरकार का बजट किसान, मजदूर, कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए घातक साबित हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बजट में इन वर्गों के लिए किसी प्रकार की राहत या लाभ की घोषणा नहीं की गई है, इसलिए वे इसका बहिष्कार करते हैं।
नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार के इशारे पर निजीकरण की नीतियों को तेज किया जा रहा है और यह बजट पूंजीपतियों के हित में तैयार किया गया है, जिसका आम जनता से कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने सरकार से मांग की कि वह अपनी नीतियों पर पुनर्विचार करते हुए किसानों, मजदूरों, कर्मचारियों और पेंशनरों के हितों को प्राथमिकता दे। प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि डेराबस्सी के विधायक ने अपने कार्यालय के सामने कर्मचारियों के मांग पत्र को विधानसभा में उठाने का वादा किया था, लेकिन वह वादा पूरा नहीं हुआ, जिससे कच्चे कर्मचारियों में भारी रोष है। इसके अलावा हाल ही में सुखमनी स्कूल से 16 कर्मचारियों को नौकरी से निकाले जाने की भी नेताओं ने निंदा की और उन्हें तुरंत बहाल करने की मांग की।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कर्मचारियों को बहाल नहीं किया गया तो 18 मार्च 2026 को सुखमनी स्कूल के बाहर विशाल धरना दिया जाएगा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पंजाब और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए किसान, मजदूर और कर्मचारी विरोधी कानूनों को वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो संघर्ष और तेज किया जाएगा, जो दिल्ली किसान आंदोलन की तरह लंबा चल सकता है। प्रदर्शन में रोहित शर्मा, सुखविंदर सुखी, मनजीत छत सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।
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नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार के इशारे पर निजीकरण की नीतियों को तेज किया जा रहा है और यह बजट पूंजीपतियों के हित में तैयार किया गया है, जिसका आम जनता से कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने सरकार से मांग की कि वह अपनी नीतियों पर पुनर्विचार करते हुए किसानों, मजदूरों, कर्मचारियों और पेंशनरों के हितों को प्राथमिकता दे। प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि डेराबस्सी के विधायक ने अपने कार्यालय के सामने कर्मचारियों के मांग पत्र को विधानसभा में उठाने का वादा किया था, लेकिन वह वादा पूरा नहीं हुआ, जिससे कच्चे कर्मचारियों में भारी रोष है। इसके अलावा हाल ही में सुखमनी स्कूल से 16 कर्मचारियों को नौकरी से निकाले जाने की भी नेताओं ने निंदा की और उन्हें तुरंत बहाल करने की मांग की।
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उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कर्मचारियों को बहाल नहीं किया गया तो 18 मार्च 2026 को सुखमनी स्कूल के बाहर विशाल धरना दिया जाएगा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पंजाब और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए किसान, मजदूर और कर्मचारी विरोधी कानूनों को वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो संघर्ष और तेज किया जाएगा, जो दिल्ली किसान आंदोलन की तरह लंबा चल सकता है। प्रदर्शन में रोहित शर्मा, सुखविंदर सुखी, मनजीत छत सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।