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Cyber Crime: पंजाबी यूनिवर्सिटी की साइट हैक कर अपलोड कीं जाली डिग्रियां, शुरू की गई जालसाजों की तलाश

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोहाली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 30 Mar 2026 07:11 AM IST
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सार

विभिन्न संस्थानों से वेरिफिकेशन के लिए भेजे गए दस्तावेजों की जांच में जालसाजी का खुलासा हुआ है।

Cyber Crime: Punjabi University website hacked and fake degrees uploaded
demo - फोटो : amar ujala
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विस्तार

पंजाबी विश्वविद्यालय से जुड़े फर्जी डिग्री और अंक प्रमाण पत्र (डीएमसी) मामले ने शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विभिन्न संस्थानों से वेरिफिकेशन के लिए भेजे गए दस्तावेजों की जांच में जालसाजी का खुलासा हुआ है।

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आरोप है कि यूनिवर्सिटी के नाम पर फर्जी डिग्रियां और डीएमसी तैयार कर न सिर्फ इस्तेमाल की गईं, बल्कि कुछ मामलों में इन्हें वेबसाइट पर भी अपलोड किया गया। यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार की शिकायत पर स्टेट साइबर क्राइम पुलिस, मोहाली ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। प्रारंभिक जांच में बड़े स्तर पर साइबर गड़बड़ी और दस्तावेजों से छेड़छाड़ के संकेत मिले हैं।
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शिकायत के अनुसार, जब संस्थानों ने छात्रों के दस्तावेज वेरिफिकेशन के लिए भेजे तो करीब पांच डिग्रियां और डीएमसी यूनिवर्सिटी रिकॉर्ड में मौजूद ही नहीं मिलीं। जांच में पाया गया कि इनका फॉर्मेट असली प्रमाण पत्र जैसा था, लेकिन हस्ताक्षर फर्जी थे। कुछ मामलों में पुराने अधिकारियों के हस्ताक्षर स्कैन कर प्रिंट किए गए थे। संवाद

2025 में सर्वर हुआ था डाउन
जांच में सामने आया कि दिसंबर 2025 में परीक्षा शाखा का सर्वर अचानक डाउन हो गया था। जांच में चार ट्रोजन वायरस मिले। विशेषज्ञों के अनुसार, यह मैलवेयर असली फाइल जैसा दिखकर सिस्टम में प्रवेश करता है और डेटा से छेड़छाड़ कर सकता है। यूनिवर्सिटी ने 26 दिसंबर 2025 से 30 जनवरी 2026 तक के डेटा की जांच कराने को कहा है।

गूगल लीगल अथॉरिटी से मांगी जानकारी
साइबर थाने की इंस्पेक्टर अमनदीप कौर ने बताया कि मामले में गूगल लीगल अथॉरिटी और वर्ल्ड एजुकेशन सर्विसेज से भी जानकारी मांगी गई है। यूनिवर्सिटी को एसक्यूएल लॉग्स और ईमेल डिटेल उपलब्ध कराने के लिए नोटिस जारी किया गया है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की गहन जांच जारी है और जल्द ही दोषियों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।

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