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Ads In ChatGPT: चैटजीपीटी यूजर्स के लिए बड़ी खबर; अब चैट के दौरान दिखाई देंगे विज्ञापन, जानिए क्यों?

टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुयश पांडेय Updated Sat, 17 Jan 2026 11:09 AM IST
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सार

ओपनएआई ने अपनी कमाई बढ़ाने के लिए विज्ञापन को नया रास्ता बनाने का एलान किया है। कंपनी के अनुसार, वह जल्द ही चैटजीपीटी के कुछ यूजर्स को चैट के नीचे कंटेक्सुअल एड्स दिखाना शुरू करेगी। शुरुआत में यह टेस्टिंग अमेरिका में होगी और विज्ञापन फ्री टियर तथा $8 प्रति माह वाले नए प्लान के यूजर्स को दिखेंगे। ओपनएआई ने साफ किया है कि प्लस, प्रो, बिजनेस और एंटरप्राइज प्लान फिलहाल पूरी तरह एड-फ्री रहेंगे। यूजर्स को विज्ञापन डिसमिस करने, यह जानने और पर्सनलाइजेशन बंद करने का विकल्प मिलेगा कि उन्हें कोई एड क्यों दिख रहा है। कंपनी ने यह भी कहा है कि 18 साल से कम उम्र के यूजर्स को एड्स नहीं दिखाए जाएंगे, और विज्ञापन आने के बावजूद जवाबों की निष्पक्षता बनी रहेगी। साथ ही ओपनएआई ने दावा किया है कि वह यूजर्स का डाटा विज्ञापनदाताओं को नहीं बेचेगी।

OpenAI to Show Ads on ChatGPT: Free and $8 Plan Users to See Contextual Advertising
ChatGPT Ads - फोटो : X
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विस्तार
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टेक दुनिया में 50,000 बिलियन डॉलर वैल्यू वाली कंपनी ओपनएआई अपनी कमाई कैसे बढ़ाएगी इस पर काफी चर्चा होती रहती है। अब कंपनी ने साफ बता दिया है कि वह विज्ञापन के जरिए कमाई बढ़ाएगी। ओपनएआई ने कहा है कि वह जल्द ही चैटजीपीटी के कुछ यूजर्स को विज्ञापन दिखाना शुरू करेगी। यह जानकारी कंपनी ने शुक्रवार को अपने ब्लॉग पोस्ट में दी।
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किन यूजर्स को विज्ञापन दिखेंगे?

ओपनएआई फिलहाल अमेरिका में एड्स की टेस्टिंग शुरू करेगी। शुरुआत में विज्ञापन इन दो तरह के यूजर्स को दिखेंगे:
1. फ्री टियर: जो लोग बिना पैसे दिए चैटजीपीटी चलाते हैं
2. फ्री टियर: नया प्लान, जिसकी कीमत $8 (लगभग 650-700 रुपये) प्रति महीने है
कंपनी का कहना है कि एड्स से होने वाली कमाई से फ्री सर्विस को चलाने में मदद मिलेगी। अच्छी बात ये है कि अभी के लिए प्लस, प्रो, बिजनेस और इंटरप्राइस जैसे महंगे प्लान पूरी तरह विज्ञापन-मुक्त रहेंगे।
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विज्ञापन कैसे दिखेंगे?

ये एड्स चैट में हो रही आपकी बातचीत के नीचे दिखेंगे। ये कंटेक्सुअल एड्स होंगे, यानी आप जिस टॉपिक पर बात कर रहे हैं, उसी से जुड़े विज्ञापन दिखेंगे।
यूजर कंट्रोल: आप एड्स को डिसमिस कर सकेंगे और यह भी देख पाएंगे कि आपको वो एड क्यों दिख रहा है। चाहें तो पर्सनलाइजेशन बंद करके टार्गेटेड एड्स रोक सकते हैं।
उम्र सीमा: ओपनएआई ने कहा है कि 18 साल से कम उम्र के यूजर्स को एड्स नहीं दिखाए जाएंगे।

प्राइवेसी और जवाबों पर असर पड़ेगा?

ओपनएआई ने साफ किया है कि विज्ञापन आने के बाद भी चैटजीपीटी के जवाब निष्पक्ष रहेंगे। कंपनी इसे 'आंसर इंडिपेंडेंस' कह रही है, यानी विज्ञापनदाता जवाबों को बदल या प्रभावित नहीं कर पाएंगे। साथ ही, ओपनएआई ने यह भी कहा है कि वह यूजर्स का डाटा विज्ञापनदाताओं को नहीं बेचेगी।

ओपनएआई को इससे क्या फायदा होगा?

इस रणनीति से कंपनी को दो फायदे हो सकते हैं:
1. फ्री और गो प्लान वाले यूजर्स से एड्स के जरिए कमाई
2. जिन्हें एड्स पसंद नहीं, वे एड-फ्री महंगे प्लान की तरफ जा सकते हैं
कंपनी का कहना है कि एड्स लाने का मकसद सिर्फ पैसा कमाना नहीं है, बल्कि इससे उनके मिशन को सपोर्ट मिलेगा ताकि भविष्य में आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस (AGI) का फायदा पूरी मानवता तक पहुंच सके।
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