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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   18-Year-Old Youth Missing After Coming to Premanand Maharaj Ashram in Vrindavan

यूपी: रसिक दुलारी शरण की मौत के बाद आश्रम में एक और रहस्यमयी घटना, एक अन्य शिष्य गायब, दादी ने लगाए गंभीर आरोप

Fri, 02 Oct 2026 01:12 PM IST
Dhirendra Singh संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा Published by: Dhirendra Singh Updated Fri, 02 Oct 2026 01:12 PM IST
सार

प्रेमानंद महाराज के आश्रम से जुड़े 18 वर्षीय युवक के लापता होने से परिजन परेशान हैं और आश्रम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। दादी ने कहा है कि नाती से मुलाकात नहीं कराई गई तो वह आश्रम के बाहर ही डेरा डालेंगी; पुलिस ने शिकायत के आधार पर तलाश का भरोसा दिया है।
 

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18-Year-Old Youth Missing After Coming to Premanand Maharaj Ashram in Vrindavan
संत प्रेमानंद आश्रम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक उर्फ रसिक दुलारी शरण की मौत की गुत्थी अभी सुलझी भी नहीं है कि सादाबाद निवासी वृद्धा ने आरोप लगाया है कि आश्रम में उन्हें नाती से नहीं मिलने दिया जा रहा है। उन्होंने आश्रम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। दादी ने कहा कि यदि उनके नाती से नहीं मिलने दिया तो वह आश्रम के बाहर ही डेरा जमा लेंगी।
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हाथरस जिले के सादाबाद निवासी अनुज चौधरी (18) करीब तीन महीने पहले घर से प्रेमानंद महाराज से दीक्षा लेने के लिए वृंदावन आया था। इसके बाद से वह घर नहीं लौटा। परेशान परिजन उसकी तलाश में आश्रम के चक्कर काट रहे हैं। पिता राजवीर ने बताया कि उनके बेटे अनुज ने संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षा ली थी। उन्होंने बताया कि न तो आश्रम में उन्हें पुत्र से मिलने दिया जा रहा है न ही आश्रम के लोग कोई जानकारी दे रहे हैं। पिता ने बताया कि आश्रम के एक व्यक्ति से परिजन की मोबाइल फोन पर बात हुई तो उसने उनके पुत्र को देखा है ऐसा बताया था। अब कहा जा रहा है कि उनके पुत्र से मिला देंगे।

 
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दादी मुन्नी ने बताया कि उनका नाती केलिकुंज आया है। उसे घर से आश्रम आए तीन अक्तूबर को तीन माह हो जाएंगे। बताया कि सादाबाद पुलिस में भी नाती की गुमशुदगी की तहरीर दी है। इसके अलावा स्थानीय पुलिस से भी सहायता मांगी। शिष्य रसिक दुलारी शरण के परिजन ने भी इसी तरह के आरोप आश्रम पर पर लगाए थे। उन्होंने कहा था कि जब वे मिलने आते थे, तो उन्हें चार-चार दिन बाहर बिठाकर बिना मिलाए वापस भेज दिया जाता था। इधर संत प्रेमानंद महाराज वृंदावन छोड़कर कहीं भी न जाने की बात करते थे, उनके यमुना पार नए स्थान पर बसने के फैसले को लेकर भी चर्चाएं हैं। सीओ वृंदावन संदीप सिंह ने बताया कि शिकायत मिलने पर किशोर की तलाश की जाएगी।
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