{"_id":"6aa8d405e18cba4b2c0b012d","slug":"40-private-hospitals-found-with-substandard-icus-in-agra-no-action-taken-after-notices-2026-09-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"जान से खिलवाड़: बिना मानकों वाले आईसीयू में इलाज, नोटिस-नोटिस खेल रहा विभाग; 40 अस्पतालों पर नहीं हुई कार्रवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जान से खिलवाड़: बिना मानकों वाले आईसीयू में इलाज, नोटिस-नोटिस खेल रहा विभाग; 40 अस्पतालों पर नहीं हुई कार्रवाई
Tue, 15 Sep 2026 10:43 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Tue, 15 Sep 2026 10:43 AM IST
सार
आगरा में स्वास्थ्य विभाग की जांच में 40 निजी अस्पतालों के आईसीयू में विशेषज्ञ डॉक्टर, जीवनरक्षक उपकरण और प्रशिक्षित स्टाफ समेत कई जरूरी मानक पूरे नहीं मिले। नोटिस जारी कर दो सप्ताह में कमियां दूर करने को कहा गया था, लेकिन करीब एक महीने बाद भी विभाग ने दोबारा जांच नहीं की है।
विज्ञापन
अस्पताल सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : freepik
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
स्वास्थ्य विभाग बिना मानकों के चल रहे आईसीयू वाले अस्पतालों पर कार्रवाई नहीं कर रहा। इनका दोबारा से जांच कर मानकों का आकलन भी नहीं किया है। इससे गंभीर मरीजों की जान को खतरा है। विभाग के अधिकारी नोटिस-नोटिस खेल रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग के यहां 486 अस्पताल पंजीकृत हैं। इनमें 15 टीमों ने आईसीयू के मानकों की जांच की। इनमें से 40 अस्पतालों में आईसीयू में भारी कमियां मिली। इनके संचालकों को नोटिस देकर दो सप्ताह में मानक पूरे करते हुए रिपोर्ट देने के लिए निर्देशित किया। महीनेभर बीतने को है, लेकिन इन अस्पतालों में आईसीयू के मानक पूरे किए गए हैं कि नहीं, इसका सर्वे नहीं किया है। अधिकांश पहले जैसे ही संचालित हो रहे हैं। मरीजों की जान से खिलवाड़ होने पर भी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी खामोश हैं।
प्रभारी सीएमओ डॉ. अमित रावत ने बताया कि 40 अस्पतालों के नोटिस देकर आईसीयू में मानक पूरा करने के बाद उनके रिपोर्ट भी जमा करनी थी। इनमें अधिकांश ने रिपोर्ट भेज दी है। इनका आकलन कर रहे हैं, सर्वे भी कराया जाएगा। कमी मिलने पर आईसीयू का लाइसेंस निलंबित किया जाएगा।
विज्ञापन
ये मिली थीं कमियां
-आईसीयू में विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं थे।
-वेंटिलेटर, बाईपैप मशीन समेत जीवनरक्षक उपकरण बदहाल मिले थे।
-प्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टाफ नहीं मिला था।
-बेड की संख्या अधिक और स्थान कम था।
-सीटी, अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं थी।
-सेंट्रल ऑक्सीजन सिस्टम नहीं पाया गया था।
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग के यहां 486 अस्पताल पंजीकृत हैं। इनमें 15 टीमों ने आईसीयू के मानकों की जांच की। इनमें से 40 अस्पतालों में आईसीयू में भारी कमियां मिली। इनके संचालकों को नोटिस देकर दो सप्ताह में मानक पूरे करते हुए रिपोर्ट देने के लिए निर्देशित किया। महीनेभर बीतने को है, लेकिन इन अस्पतालों में आईसीयू के मानक पूरे किए गए हैं कि नहीं, इसका सर्वे नहीं किया है। अधिकांश पहले जैसे ही संचालित हो रहे हैं। मरीजों की जान से खिलवाड़ होने पर भी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी खामोश हैं।
विज्ञापन
प्रभारी सीएमओ डॉ. अमित रावत ने बताया कि 40 अस्पतालों के नोटिस देकर आईसीयू में मानक पूरा करने के बाद उनके रिपोर्ट भी जमा करनी थी। इनमें अधिकांश ने रिपोर्ट भेज दी है। इनका आकलन कर रहे हैं, सर्वे भी कराया जाएगा। कमी मिलने पर आईसीयू का लाइसेंस निलंबित किया जाएगा।
विज्ञापन
ये मिली थीं कमियां
-आईसीयू में विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं थे।
-वेंटिलेटर, बाईपैप मशीन समेत जीवनरक्षक उपकरण बदहाल मिले थे।
-प्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टाफ नहीं मिला था।
-बेड की संख्या अधिक और स्थान कम था।
-सीटी, अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं थी।
-सेंट्रल ऑक्सीजन सिस्टम नहीं पाया गया था।