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15 छात्रों की मौत के बाद बड़ा सवाल: बिना सुरक्षा मानकों के कैसे चल रहीं कोचिंग? पुलिस आयुक्त ने दिए ये निर्देश
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Tue, 23 Jun 2026 08:34 AM IST
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सार
लखनऊ के कोचिंग अग्निकांड के बाद आगरा प्रशासन ने जुलाई में सभी कोचिंग संस्थानों की दोबारा जांच का फैसला किया है। निरीक्षण में सुरक्षा मानकों, फायर एनओसी और पंजीकरण संबंधी दस्तावेजों की जांच की जाएगी, जबकि नियमों का पालन न करने वालों पर कार्रवाई होगी।
पुलिस आयुक्त दीपक कुमार
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
लखनऊ के अलीगंज स्थित एक कोचिंग संस्थान में आग लगने की घटना के बाद आगरा में भी कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन सतर्क हो गया है। जिले में वर्तमान में करीब 130 पंजीकृत कोचिंग संस्थान संचालित हैं। जुलाई में एक बार फिर कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया जाएगा, जिसमें सुरक्षा मानकों और पंजीकरण संबंधी दस्तावेजों की जांच की जाएगी।
क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. राजेश प्रकाश बताते हैं कि 2 महीने पहले ही हमने सभी कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया था। हमने पाया कि बड़े संस्थानों की तुलना में छोटे कोचिंग संचालकों को फायर एनओसी प्राप्त करने में अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। अधिकांश छोटे कोचिंग किराये के भवनों में संचालित होते हैं, जहां भवन मालिक सुरक्षा मानकों के अनुरूप बदलाव कराने में रुचि नहीं लेते। ऐसे में संचालकों के लिए फायर विभाग की सभी शर्तों को पूरा करना आसान नहीं होता। फायर एनओसी के लिए भवन में अग्निशमन यंत्र, आपातकालीन निकास, सुरक्षित विद्युत व्यवस्था और पर्याप्त चौड़ाई वाली सीढ़ियां जैसी व्यवस्थाएं अनिवार्य हैं।
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चलाया जाएगा जागरूकता अभियान
पुलिसआयुक्त दीपक कुमार ने बताया कि 15 मीटर से कम ऊंचाई के भवन के लिए फायर एनओसी की आवश्यकता नहीं होती है। अग्निशमन विभाग की ओर से समय-समय पर व्यावसायिक भवन का निरीक्षण कर लोगों को जागरूक किया जाता है। तीनों जोन के डीसीपी, सीएफओ के साथ बैठक की गई है। तय किया गया है कि जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। बिना एनओसी के व्यावसायिक गतिविधि पर कार्रवाई की जाएगी।
पुलिसआयुक्त दीपक कुमार ने बताया कि 15 मीटर से कम ऊंचाई के भवन के लिए फायर एनओसी की आवश्यकता नहीं होती है। अग्निशमन विभाग की ओर से समय-समय पर व्यावसायिक भवन का निरीक्षण कर लोगों को जागरूक किया जाता है। तीनों जोन के डीसीपी, सीएफओ के साथ बैठक की गई है। तय किया गया है कि जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। बिना एनओसी के व्यावसायिक गतिविधि पर कार्रवाई की जाएगी।
ऐसे कराएं कोचिंग का पंजीकरण
क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. राजेश प्रकाश ने बताया कि कोचिंग संस्थान का पंजीकरण कराने के लिए संचालक को रोहता स्थित कार्यालय में आवेदन करना होगा। पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज में छात्रों की संख्या का विवरण, किराये के भवन के लिए किरायानामा, स्वयं की इमारत होने पर खतौनी और खसरा नंबर, आधार कार्ड और पैन कार्ड लेकर आना होगा।
क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. राजेश प्रकाश ने बताया कि कोचिंग संस्थान का पंजीकरण कराने के लिए संचालक को रोहता स्थित कार्यालय में आवेदन करना होगा। पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज में छात्रों की संख्या का विवरण, किराये के भवन के लिए किरायानामा, स्वयं की इमारत होने पर खतौनी और खसरा नंबर, आधार कार्ड और पैन कार्ड लेकर आना होगा।
पंजीकरण शुल्क
1 से 50 छात्रों तक की संख्या होने पर 10 हजार रुपये का चालान बैंक में जमा करना होगा।
50 से अधिक छात्रों की संख्या होने पर 25 हजार रुपये का चालान बैंक में जमा करना अनिवार्य है।
1 से 50 छात्रों तक की संख्या होने पर 10 हजार रुपये का चालान बैंक में जमा करना होगा।
50 से अधिक छात्रों की संख्या होने पर 25 हजार रुपये का चालान बैंक में जमा करना अनिवार्य है।