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'असली हीरो' हैं ये दमकलकर्मी: भीषण आग या फिर खतरनाक अमोनिया का रिसाव; जान पर खेलकर बचाईं सैकड़ों जिंदगियां
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Mon, 04 May 2026 11:31 AM IST
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सार
आगरा में दमकलकर्मियों ने गैस रिसाव से लेकर भीषण आग तक कई जानलेवा हादसों में अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों को बचाया। कर्मियों की कमी के बावजूद फायर ब्रिगेड ने पिछले कई बड़े हादसों में साहसिक रेस्क्यू कर अपनी बहादुरी साबित की है।
'असली हीरो' हैं ये दमकलकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा कमिश्नरेट के अग्निशमन विभाग में फायर स्टेशन ऑफिस से लेकर सेकंड अफसरों तक कर्मियों की कमी है। इसके बावजूद दमकलकर्मी कई बार लोगों के लिए देवदूत साबित हुए हैं। पिनाहट में दो महीने पहले हुए कोल्ड स्टोरेज से अमोनिया गैस रिसाव के दौरान अपनी परवाह नहीं की। वहीं पांच महीने पहले विजय नगर कॉलोनी में रस्सी से लटककर आग के बीच घुसे और फ्लैट में फंसे दो जिंदगियों को बचा लिया था। सोमवार को विश्व अग्निशामक दिवस है।
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पिनाहट के पूरे गांव कुकथरी में 12 मार्च की रात अमोनिया गैस का रिसाव हुआ था। पाइपलाइन फट गई थी। पूरे गांव में गैस फैलने से लोगों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी। 35 लोग अस्पताल में भर्ती कराए गए। पुलिस अधिकारी भी गांव में नहीं घुस पाए थे। पूरा गांव खाली हो गया था। बाद में मुख्य अग्निशमन अधिकारी देवेंद्र सिंह टीम के साथ पहुंचे। वह खुद ब्रीदिंग उपकरण पहनकर कोल्ड स्टोरेज में टूटी लाइन के पास पहुंचे। उनके साथ हवलदार उदयभान और दरोगा विनय भी थे। तीनों ने मिलकर वाॅल्व को बंद किया तब अमोनिया का रिसाव बंद हो सका था।
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इससे पहले 7 दिसंबर, 2025 को त्रिवेणी क्रिस्टल अपार्टमेंट की चौथी मंजिल पर रहने वाले प्रॉपर्टी डीलर राजीव अग्रवाल के घर में आग लग गई थी। दिन में हुए हादसे में बुजुर्ग महिला और बेटा फ्लैट में फंस गए थे। फायरमैन रामकेश और पवन रस्सी के सहारे छत से फ्लैट में गए। उन्होंने खिड़की का शीशा तोड़कर प्रवेश किया। धुएं में फंसे परिवार को बाहर निकाला। इसके बाद आग पर काबू पाया गया। इस घटना के बाद दोनों फायरमैन को सम्मानित किया गया था।
16 महीने में 1400 अग्निकांड, 50 करोड़ की संपत्ति राख
अग्निशमन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक पिछले 16 महीने में 1400 अग्निकांड हुए। इनमें 50 करोड़ से अधिक की संपत्ति जलकर नष्ट हो गई। आग जूता फैक्टरियों में अधिक लगीं। केमिकल और फोम ने आग को भड़काने का काम किया। गैस सिलिंडर में लीकेज हादसे की वजह बने हैं। गर्मी के मौसम में एसी में शॉर्ट सर्किट से आग लगी। मुख्य अग्निशमन अधिकारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि जनवरी से दिसंबर 2025 तक आग लगने की 1050 घटनाएं हुईं थीं। इनमें आग लगने की प्रमुख वजह शॉर्ट सर्किट रही। जनवरी से अप्रैल 2026 तक आग की 350 घटनाएं सामने आईं, जिसमें सबसे अधिक 200 घटनाएं अप्रैल महीने में हुईं।
अग्निशमन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक पिछले 16 महीने में 1400 अग्निकांड हुए। इनमें 50 करोड़ से अधिक की संपत्ति जलकर नष्ट हो गई। आग जूता फैक्टरियों में अधिक लगीं। केमिकल और फोम ने आग को भड़काने का काम किया। गैस सिलिंडर में लीकेज हादसे की वजह बने हैं। गर्मी के मौसम में एसी में शॉर्ट सर्किट से आग लगी। मुख्य अग्निशमन अधिकारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि जनवरी से दिसंबर 2025 तक आग लगने की 1050 घटनाएं हुईं थीं। इनमें आग लगने की प्रमुख वजह शॉर्ट सर्किट रही। जनवरी से अप्रैल 2026 तक आग की 350 घटनाएं सामने आईं, जिसमें सबसे अधिक 200 घटनाएं अप्रैल महीने में हुईं।
ये रहीं कुछ प्रमुख घटनाएं
- मार्च 2025 में बोदला स्थित फोम की फैक्टरी में भीषण आग लग गई थी। इसमें लाखों का सामान जल गया था।
- जून 2025 में किनारी बाजार स्थित चांदी गलाने वाली फैक्टरी में आग लगने की घटना हुई थी। गैस सिलिंडर फट गया था। हादसे में दो लोगों की मौत हुई थी। चार अन्य घायल हो गए थे।
- नवंबर 2025 में टेढ़ी बगिया स्थित जूता फैक्टरी में भीषण आग लग गई थी।
- दिसंबर 2025 में थाना हरीपर्वत क्षेत्र के गांधी नगर स्थित एक अपार्टमेंट के फ्लैट में शॉर्ट सर्किट से आग लगी थी। परिवार भी फंस गया था। फ्लैट स्वामी का पालतू कुत्ता जलकर मर गया था।
- अप्रैल में मंटोला में जूता फैक्टरी में आग लगी थी। केमिकल की वजह से आग भड़क गई। घंटों बाद आग पर काबू पाया गया था।
- अप्रैल में जूते के सोल बनाने की फैक्टरी में भीषण आग लग गई। दमकलकर्मियों ने आग पर काबू पाया था।
- मार्च 2025 में बोदला स्थित फोम की फैक्टरी में भीषण आग लग गई थी। इसमें लाखों का सामान जल गया था।
- जून 2025 में किनारी बाजार स्थित चांदी गलाने वाली फैक्टरी में आग लगने की घटना हुई थी। गैस सिलिंडर फट गया था। हादसे में दो लोगों की मौत हुई थी। चार अन्य घायल हो गए थे।
- नवंबर 2025 में टेढ़ी बगिया स्थित जूता फैक्टरी में भीषण आग लग गई थी।
- दिसंबर 2025 में थाना हरीपर्वत क्षेत्र के गांधी नगर स्थित एक अपार्टमेंट के फ्लैट में शॉर्ट सर्किट से आग लगी थी। परिवार भी फंस गया था। फ्लैट स्वामी का पालतू कुत्ता जलकर मर गया था।
- अप्रैल में मंटोला में जूता फैक्टरी में आग लगी थी। केमिकल की वजह से आग भड़क गई। घंटों बाद आग पर काबू पाया गया था।
- अप्रैल में जूते के सोल बनाने की फैक्टरी में भीषण आग लग गई। दमकलकर्मियों ने आग पर काबू पाया था।
हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म का सेंसर खराब
इटली से वर्ष 2015 में आया 3.5 करोड़ कीमत का हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म खराब पड़ा है। सेंसर में गड़बड़ी एक साल बाद भी दूर नहीं हो सकी है। इसकी मदद से 14 मंजिल तक आग बुझाने का काम किया जा सकता है। आगरा में कई बहुमंजिला इमारतें हैं। हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म को सही कराने के लिए कंपनी के इंजीनियर बुलाए गए थे। मगर सेंसर की गड़बड़ी अब तक दूर नहीं हो सकी है।
इटली से वर्ष 2015 में आया 3.5 करोड़ कीमत का हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म खराब पड़ा है। सेंसर में गड़बड़ी एक साल बाद भी दूर नहीं हो सकी है। इसकी मदद से 14 मंजिल तक आग बुझाने का काम किया जा सकता है। आगरा में कई बहुमंजिला इमारतें हैं। हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म को सही कराने के लिए कंपनी के इंजीनियर बुलाए गए थे। मगर सेंसर की गड़बड़ी अब तक दूर नहीं हो सकी है।
विभाग में 8 एफएसओ, 13 दरोगा की कमी
अग्निशमन विभाग के पास कई अत्याधुनिक उपकरण हैं। इनमें छोटी, बड़ी 15 दमकल हैं। एक एफएसओ, तीन एफएसएसओ, 22 चालक, 160 सिपाही, 5 बाइक भी हैं। बाइक गलियों में आग बुझाने में मदद करती हैं। आग लगने पर लोग 112 नंबर पर कॉल करते हैं। एक रेस्क्यू टेंडर भी शामिल हैं। वर्तमान में एक एफएसओ ही हैं जबकि 9 होने चाहिए। इसके साथ ही 16 दरोगा के स्थान पर 3 ही हैं। फायरमैन भी 200 के स्थान पर 160 ही उपलब्ध हैं। मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि संख्या बल को पूरा करने के लिए मुख्यालय को पत्र लिखा जा चुका है।
अग्निशमन विभाग के पास कई अत्याधुनिक उपकरण हैं। इनमें छोटी, बड़ी 15 दमकल हैं। एक एफएसओ, तीन एफएसएसओ, 22 चालक, 160 सिपाही, 5 बाइक भी हैं। बाइक गलियों में आग बुझाने में मदद करती हैं। आग लगने पर लोग 112 नंबर पर कॉल करते हैं। एक रेस्क्यू टेंडर भी शामिल हैं। वर्तमान में एक एफएसओ ही हैं जबकि 9 होने चाहिए। इसके साथ ही 16 दरोगा के स्थान पर 3 ही हैं। फायरमैन भी 200 के स्थान पर 160 ही उपलब्ध हैं। मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि संख्या बल को पूरा करने के लिए मुख्यालय को पत्र लिखा जा चुका है।
इन बातों का रखें ध्यान
- गर्मी के मौसम में पुरानी वायरिंग और उपकरणों को चेक करा लें।
- उपकरण बढ़ाने से पहले पुरानी और खराब वायरिंग को बदल दें।
- कूड़े के ढेर नहीं लगाएं। कूड़ा समय पर उठवा देना चाहिए।
- गैस सिलिंडर के पाइप को समय-समय पर चेक कराते रहें।
- जिस स्थान पर विद्युत उपकरण लगाए हैं, वहां ज्वलनशील पदार्थ न रखें।
- गर्मी के मौसम में पुरानी वायरिंग और उपकरणों को चेक करा लें।
- उपकरण बढ़ाने से पहले पुरानी और खराब वायरिंग को बदल दें।
- कूड़े के ढेर नहीं लगाएं। कूड़ा समय पर उठवा देना चाहिए।
- गैस सिलिंडर के पाइप को समय-समय पर चेक कराते रहें।
- जिस स्थान पर विद्युत उपकरण लगाए हैं, वहां ज्वलनशील पदार्थ न रखें।
