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UP: कूड़े के पहाड़ पर बना दिया ग्रीन लैंड, ये हैं IAS अंकित खंडेलवाल; जो अब बनाए गए संभल के जिलाधिकारी
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Mon, 04 May 2026 09:14 AM IST
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सार
आगरा में तीन साल तक नगर आयुक्त रहे आईएएस अंकित खंडेलवाल का तबादला संभल के डीएम पद पर किया गया है। उनके कार्यकाल में शहर ने स्वच्छता और कूड़ा प्रबंधन में बड़ी उपलब्धियां हासिल कर टॉप 10 में जगह बनाई।
IAS अंकित खंडेलवाल
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
नगर निगम में तीन साल का कार्यकाल पूरा करने वाले आईएएस अंकित खंडेलवाल का तबादला डीएम संभल के पद पर हो गया है। वह 21 फरवरी 2023 में आगरा आए थे। तीन वर्षों में उन्होंने आगरा को नई पहचान दिलाई। खासकर स्वच्छ सर्वेक्षण में शहर ने लंबी छलांग लगाई और टॉप 10 में शामिल हो गया। कूड़े से बिजली बनाने के प्लांट समेत कूड़े के पहाड़ों को खत्म करना उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि रही। हालांकि, महापौर हेमलता दिवाकर के साथ उनका टकराव चलता रहा।
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नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल के नेतृत्व में आगरा स्मार्ट और स्वच्छ हुआ। 2017 बैच के आईएएस अधिकारी अंकित खंडेलवाल ने जब आगरा के नगर आयुक्त का कार्यभार संभाला था, तब उनके सामने शहर की सफाई व्यवस्था और बुनियादी ढांचे को सुधारने की बड़ी चुनौतियां थीं। तीन साल में पर्यावरण संरक्षण और सौंदर्यीकरण के क्षेत्र में उन्होंने देश के लिए एक मॉडल पेश किया। उनके कार्यकाल में आगरा को क्लीन वाटर, क्लीन एयर और स्मार्ट सिटी श्रेणी में कई प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त हुए हैं।
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उन्होंने कबाड़ से कमाल योजना के तहत नगर निगम के स्टोर में पड़े स्क्रैप से श्री राम के भव्य मंदिर की प्रतिकृति, बांसुरी के साथ भगवान कृष्ण का बाल रूप और अन्य कलाकृतियां तैयार कराई गईं, जो पूरे देश में चर्चा का विषय बनीं।
कूड़े के पहाड़ से ग्रीन लैंड तक का सफर
कुबेरपुर डंपिंग ग्राउंड में 18 लाख मीट्रिक टन कूड़ा जमा था, जिसे उन्होंने हटाने का बीड़ा उठाया। करीब 60 एकड़ बेशकीमती जमीन कूड़ा प्रोसेसिंग से खाली कराई गई। यहां यूपी का पहला वेस्ट-टू-एनर्जी यानी कूड़े से बिजली बनाने का प्लांट, खाद बनाने की यूनिट और प्लास्टिक रीसाइकिलिंग की प्रक्रिया शुरू की गई। दिसंबर में प्लांट चालू हो जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके इस मॉडल की तारीफ की थी।
कुबेरपुर डंपिंग ग्राउंड में 18 लाख मीट्रिक टन कूड़ा जमा था, जिसे उन्होंने हटाने का बीड़ा उठाया। करीब 60 एकड़ बेशकीमती जमीन कूड़ा प्रोसेसिंग से खाली कराई गई। यहां यूपी का पहला वेस्ट-टू-एनर्जी यानी कूड़े से बिजली बनाने का प्लांट, खाद बनाने की यूनिट और प्लास्टिक रीसाइकिलिंग की प्रक्रिया शुरू की गई। दिसंबर में प्लांट चालू हो जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके इस मॉडल की तारीफ की थी।
