फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   BSA Shocked to Find Fake Signature on Tender Document, Forgery Uncovered in Crore-Rupee Contract Bids

यूपी: अपने ही जाली हस्ताक्षर देख चौंके बीएसए, करोड़ों के टेंडर में बड़ा खेल; ऐसे तैयार किए अनुभव प्रमाण पत्र

Thu, 10 Sep 2026 11:27 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: Dhirendra Singh Updated Thu, 10 Sep 2026 11:27 AM IST
सार

करोड़ों के टेंडर में अनुभव दिखाने के लिए लगाए गए प्रमाणपत्रों पर बीएसए डॉ. राकेश सिंह के फर्जी हस्ताक्षर मिलने से शिक्षा विभाग में फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। अलीगढ़ और बदायूं की दो फर्मों के दस्तावेजों में करीब 12.58 करोड़ रुपये के काम का अनुभव दर्शाया गया था, जबकि संबंधित अधिकारियों ने हस्ताक्षर से इनकार किया है।

विज्ञापन
BSA Shocked to Find Fake Signature on Tender Document, Forgery Uncovered in Crore-Rupee Contract Bids
बीएसए आगरा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा में टेंडर हासिल करने के लिए ठेकेदार फर्जी अनुभव प्रमाणपत्र लगा रहे हैं। एडीए के बाद अब शिक्षा विभाग में करोड़ों का टेंडर हथियाने के लिए फर्जीवाड़ा पकड़ में आया है। यह तब हुआ जब बीएसए डॉ. राकेश सिंह के सामने उनका डुप्लीकेट हस्ताक्षर वाला अलीगढ़ का दस्तावेज आ गया। बनाए गए दस्तावेज के समय वह अलीगढ़ में बीएसए थे, अब आगरा में हैं।
विज्ञापन


जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) डॉ. राकेश सिंह ने बताया कि उन्हें फर्जी हस्ताक्षर की जानकारी मिली। उन्होंने दस्तावेज मंगाया तो देखकर चौंक गए। उन्होंने खुद अपने स्तर से भी जांच कराई। इसके बाद उन्होंने वर्तमान में अलीगढ़ के बीएसए को पत्र लिखकर स्पष्ट किया कि प्रमाणपत्र पर किए गए हस्ताक्षर उनके (डॉ. राकेश सिंह) नहीं हैं। मामला गोमती नगर, लखनऊ की हरिओम इंटरप्राइजेज और डीपकाउन मैनपावर सर्विसेज से जुड़ा हुआ है। दोनों कंपनियों ने टेंडर में अनुभव के समर्थन में प्रमाणपत्र लगाए थे। इनमें करीब 12.58 करोड़ रुपये के काम का अनुभव दर्शाया गया था।
विज्ञापन


हरिओम इंटरप्राइजेज की ओर से लगाए गए प्रमाणपत्र में अलीगढ़ के 1,021 परिषदीय स्कूलों में 19,305 डेस्क-बेंच की आपूर्ति का दावा किया गया। डॉ. राकेश सिंह ने बताया कि उन्होंने वर्तमान अलीगढ़ बीएसए को पत्र लिखकर बता दिया है कि जनवरी 2026 में वह अलीगढ़ के बीएसए थे लेकिन उनके कार्यकाल में ऐसा कोई प्रमाणपत्र जारी नहीं किया गया और उस पर किए गए हस्ताक्षर भी उनके नहीं हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


दूसरी कंपनी डीपकाउन मैनपावर सर्विसेज के प्रमाणपत्र में भी उनके ही नाम से हस्ताक्षर दर्शाए गए। जबकि वह बदायूं में बीएसए के पद पर कभी तैनात ही नहीं रहे। ऐसे में बदायूं के नाम से जारी प्रमाणपत्र पर भी उनके हस्ताक्षर नहीं हैं। बदायूं कार्यालय को भी अवगत करा दिया गया है।


कंपनी अलग मगर अनुबंध संख्या एक
जांच में दोनों कंपनियों के प्रमाणपत्रों पर एक ही जेम अनुबंध संख्या जेमC511687700868434 दर्ज मिली। अलग-अलग कंपनियों के दस्तावेजों में एक ही अनुबंध संख्या और अधिकारियों के नाम से किए गए हस्ताक्षरों ने पूरे मामले को संदेह के घेरे में ला दिया है। बीएसए डॉ. राकेश सिंह ने बताया कि उन्होंने वर्तमान के अलीगढ़ बीएसए को पत्र भेजकर इस फर्जीवाड़े से अवगत कराया था। अलीगढ़ बीएसए कार्यालय ने पत्र भेजकर यह बताया है कि वह जांच करा रहे हैं, संबंधित कंपनियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और ब्लैकलिस्ट करने की विभागीय कार्रवाई की तैयारी चल रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed