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Health News: सांस पर भारी पड़ रही खांसी, एक महीने में दोगुने हुए मरीज...चिकित्सकों ने दी ये चेतावनी
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Wed, 14 Jan 2026 09:25 AM IST
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सार
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में ऐसे मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, जो खांसी, ब्रोंकाइटिस और सांस की समस्या से पीड़ित हैं।
एसएन मेडिकल कॉलेज में लगी मरीजों की भीड़। अमर उजाला
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विस्तार
जकड़ी हुई खांसी लोगों के लिए गंभीर समस्या बनती जा रही है। बीते दो महीनों में खांसी, ब्रोंकाइटिस और सांस से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की संख्या में करीब दो गुना से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। एक महीने का समय खांसी के उपचार में लग रहा है।
एसएन मेडिकल कॉलेज के श्वसन रोग विभागाध्यक्ष डॉ. जीवी सिंह ने बताया कि नवंबर तक ओपीडी में जहां रोजाना लगभग 200 मरीज आते थे, वहीं अब खांसी और सांस संबंधी रोगों के करीब 400 से 450 मरीज आ रहे हैं। हर दिन करीब 20 मरीज ऐसे आ रहे हैं, जो जकड़ी हुई खांसी से पीड़ित हैं और साथ ही सांस लेने में परेशानी झेल रहे हैं।
इस समय खांसी जल्दी ठीक नहीं हो रही और कई मामलों में यह तीन से चार सप्ताह तक बनी रहती है। लगातार बढ़ता प्रदूषण और ठंड इसका प्रमुख कारण है। प्रदूषण के कारण फेफड़ों में जलन बढ़ रही है और ठंड के चलते कफ जम रहा है। जोर से खांसने पर बलगम में खून भी आ रहा है। उन्होंने सलाह दी कि लोग खांसी को हल्के में न लें। गुनगुना पानी पीना, ठंडी चीजों से परहेज करना और बाहर निकलते समय मास्क का प्रयोग बेहद जरूरी है। यदि खांसी 15 दिन से अधिक समय तक बनी रहे या सांस फूलने लगे, तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें। बिना चिकित्सकीय सलाह के दवाओं का सेवन नुकसानदेह हो सकता है।
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इस समय खांसी जल्दी ठीक नहीं हो रही और कई मामलों में यह तीन से चार सप्ताह तक बनी रहती है। लगातार बढ़ता प्रदूषण और ठंड इसका प्रमुख कारण है। प्रदूषण के कारण फेफड़ों में जलन बढ़ रही है और ठंड के चलते कफ जम रहा है। जोर से खांसने पर बलगम में खून भी आ रहा है। उन्होंने सलाह दी कि लोग खांसी को हल्के में न लें। गुनगुना पानी पीना, ठंडी चीजों से परहेज करना और बाहर निकलते समय मास्क का प्रयोग बेहद जरूरी है। यदि खांसी 15 दिन से अधिक समय तक बनी रहे या सांस फूलने लगे, तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें। बिना चिकित्सकीय सलाह के दवाओं का सेवन नुकसानदेह हो सकता है।