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UP: रुला देगा इस परिवार का दर्द...इंसाफ की आस में 63 दिनों से बूढ़ी मां, विधवा पत्नी और तीन मासूम
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Wed, 14 Jan 2026 09:08 AM IST
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सार
इंसाफ की आस में 63 दिनों से बूढ़ी मां, विधवा पत्नी और तीन मासूम धरने पर बैठे हुए हैं, लेकिन इस परिवार का दर्द सुनने वाला कोई नहीं है।
धरने पर बैठा परिवार
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
ठंड में 63 दिन से इन्साफ की आस लिए बूढ़ी मां, विधवा पत्नी और तीन मासूम बच्चे धरने पर बैठे हुए हैं। न्याय के इंतजार में दो महीने गुजर गए लेकिन पीड़ितों की अग्निपरीक्षा खत्म होने का नाम नहीं ले रही।
सदर तहसील में मृतक रवि का परिवार धरना दे रहा है। इसकी वजह दक्षिणांचल और आउटसोर्स कंपनी की बेरुखी है। 9 अप्रैल 2025 को किरावली तहसील के सामने ट्रांसफॉर्मर में मरम्मत के दौरान करंट आ गया था। विभागीय लापरवाही के कारण शटडाउन और रोस्टर टाइम के दौरान लाइन में करंट आने से गंभीर घायल हुए रवि सोलंकी ने 15 अप्रैल को दम तोड़ दिया था। उस समय ग्रामीणों ने शव सड़क पर रखकर हंगामा किया था।
एफआईआर दर्ज कराने पर अड़े ग्रामीणों से दक्षिणांचल के अधिशासी एवं सहायक अभियंता ने 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और पांच लाख बीमा राशि देने का लिखित आश्वासन दिया था। परिवार को 7.50 लाख रुपये मिले लेकिन शेष धनराशि नहीं मिली। इस पर 12 नवंबर से रवि की मां, विधवा पत्नी और तीन बच्चे सदर तहसील में धरने पर बैठे हुए हैं। यह हाल तब है जब जिलाधिकारी अरविंद बंगारी पांच बार दक्षिणांचल अधिकारियों को निर्देश दे चुके हैं।
समाजसेवी चौ. दिलीप सिंह ने बताया कि 63 दिन से रात में परिवार तहसील परिसर में सो रहा है। आउटसोर्स कंपनी ने 30 हजार रुपये मांगे थे। इस वजह से आर्थिक सहायता नहीं मिली। इस संबंध में डीएम अरविंद बंगारी का कहना है कि लापरवाह कंपनी और अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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सदर तहसील में मृतक रवि का परिवार धरना दे रहा है। इसकी वजह दक्षिणांचल और आउटसोर्स कंपनी की बेरुखी है। 9 अप्रैल 2025 को किरावली तहसील के सामने ट्रांसफॉर्मर में मरम्मत के दौरान करंट आ गया था। विभागीय लापरवाही के कारण शटडाउन और रोस्टर टाइम के दौरान लाइन में करंट आने से गंभीर घायल हुए रवि सोलंकी ने 15 अप्रैल को दम तोड़ दिया था। उस समय ग्रामीणों ने शव सड़क पर रखकर हंगामा किया था।
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एफआईआर दर्ज कराने पर अड़े ग्रामीणों से दक्षिणांचल के अधिशासी एवं सहायक अभियंता ने 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और पांच लाख बीमा राशि देने का लिखित आश्वासन दिया था। परिवार को 7.50 लाख रुपये मिले लेकिन शेष धनराशि नहीं मिली। इस पर 12 नवंबर से रवि की मां, विधवा पत्नी और तीन बच्चे सदर तहसील में धरने पर बैठे हुए हैं। यह हाल तब है जब जिलाधिकारी अरविंद बंगारी पांच बार दक्षिणांचल अधिकारियों को निर्देश दे चुके हैं।
समाजसेवी चौ. दिलीप सिंह ने बताया कि 63 दिन से रात में परिवार तहसील परिसर में सो रहा है। आउटसोर्स कंपनी ने 30 हजार रुपये मांगे थे। इस वजह से आर्थिक सहायता नहीं मिली। इस संबंध में डीएम अरविंद बंगारी का कहना है कि लापरवाह कंपनी और अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।