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UP: पुलिसकर्मी के कमरे में युवती ने दी थी जान, दुष्कर्म और उत्पीड़न के आरोपी सिपाही को बड़ी राहत; कोर्ट से बरी

संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा Published by: Arun Parashar Updated Sun, 05 Apr 2026 12:52 PM IST
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सार

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर अदालत में आरोपपत्र प्रस्तुत किया था। अभियोजन पक्ष की तरफ से अदालत में आठ गवाह पेश किए गए। गवाहों के बयानों में विरोधाभास पाया गया। घटना का कोई चश्मदीद गवाह भी नहीं था। घटना स्थल से मृतका का कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ था।

Constable Accused in Young Woman Death Case Acquitted by Court
कोर्ट - फोटो : ANI
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विस्तार

अपहरण कर दुष्कर्म, दलित उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट शिव कुमार ने सुनवाई की। उन्होंने ठोस साक्ष्य के अभाव में जिला झांसी के थाना मोठ क्षेत्र के गांव सेना निवासी आरक्षी राघवेंद्र सिंह को बरी करने के आदेश दिए।
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पीड़िता ने 28 दिसंबर, 2023 को आरोपी सिपाही के कमरे में आत्महत्या की थी। थाना छत्ता में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, पीड़िता के भाई ने तहरीर दी थी। बताया था कि उनकी 22 वर्षीय बहन गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में नर्स थी। आरोपी आरक्षी राघवेंद्र सिंह से बहन की दोस्ती हो गई। कुछ दिनों के बाद उसने बहन से शादी का वादा किया था। बहन के बताने पर पिता घटना से छह महीने पहले आरोपी के पिता से बात करने झांसी गए थे। वहां आरोपी के पिता ने उन्हें गाली-गलौज और जातिसूचक शब्द बोलकर भगा दिया था। स्थानीय लोगों के सामने अपमानित भी किया।
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इसके बाद आरोपी ने 28 दिसंबर, 2023 को बहन को बहलाकर बेलनगंज स्थित अपने कमरे पर बुला लिया। उसके साथ दुष्कर्म किया। शादी की बोलने पर उसकी हत्या कर दी। बाद में आरोपी बहन को लेकर निजी अस्पताल भी इलाज कराने के लिए लेकर गया था। डॉक्टरों के मृत घोषित करने पर वहां से भाग गया था।

थानाध्यक्ष छत्ता ने घटना के बारे में परिजन को बताया था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर अदालत में आरोपपत्र प्रस्तुत किया था। अभियोजन पक्ष की तरफ से अदालत में आठ गवाह पेश किए गए। गवाहों के बयानों में विरोधाभास पाया गया। घटना का कोई चश्मदीद गवाह भी नहीं था। घटना स्थल से मृतका का कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गले के निशान के अतिरिक्त शरीर पर कोई चोट का निशान नहीं पाया गया। अदालत ने आरोपी को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।


 
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